Shekhar raj Badaunia
7 years 11 months ago
*नेता जी को नाज़ हो सकता है अपने देश की जनसँख्या सवा सौ करोड़ बताने में , पर मैं शर्मिंदा हूँ देश की जनसँख्या इतनी अधिक बताने में | क्योंकि आज के वैज्ञानिक युग में यह हमारी जहालत को दर्शाता है |**शिक्षा कहाँ से कहाँ चली गयी , कितने अनाप शनाप नंबर मिलने लगे |
*ढेर सारे नेताओं ने जब खुद ही पढ़ाई नहीं की तब दूसरों को क्यों पढ़ने देना चाहेंगे |**एक बुद्धिजीवी भारतीय होने के नाते सोचें कि हमें कैसे नेता चाहिए जिनकी सोच में तात्कालिक लाभ मिलें या दूरदर्शिता व दीर्घकालिक लाभ मिले ?फैसला आपके हित में
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