Pankaj ji
11 years 2 months ago
विद्यार्थियों का समुचित विकास किस प्रकार हो, यह पूरी जिम्मेदारी गुरुजन बन्धुओं पर ही होना चाहिये ।
सुधारात्मक अनुशासन विद्यार्थियों पर बराबर रहना चाहिये । इसके साथ ही किसी भी पारिवारिक व्यक्ति को गुरुजन बन्धुओं के अनुशासन में दखल नहीं देना चाहिये ।
अपने पुत्र-पुत्रियों को गुरुजन बन्धुओं के निर्देशन में ही सदा रखना चाहिये ।
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