Arun Kumar Gupta
11 years 3 months ago
विद्यार्थी ही भावी समाज का कर्णधार होता है।
गुरुजन बन्धुओं को चाहिए कि सबसे पहले विद्यार्थियों को शिष्टाचार का व्यावहारिक पहलू मजबूत करें ! ‘सत्यं बद्; धर्मं चर ! (सत्य बोलें और धर्म पर रहें-चलें !)’
अध्ययन का मूलमन्त्र होना चाहिये । इसकी व्यावहारिकता पर सबसे कड़ी दृष्टि होनी चाहिये । http://vidyatattvam-paddhati.blogspot.in/
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