Gagan kaur
3 years 9 months ago
मेले सामाजिक तंत्र का पारिवारिक मनोरंजन का माध्यम है जो लगातार बदला रहे है छोटे समय मै मेले मै जलेबी मिलती थी गन्ने का जूस और बहुत सारी धूल मिट्टी वही आज मेले कारपोरेट रूप ले रहे है और हर वर्ग को लिए उपयोगी बन रहे है जिसमे शिक्षा व्यापार तकनीक के लिए मेले जानकारी का एक हब बन जाता है और आसानी से क्रेता विक्रेता भी मिल जाते है जनता भी इस तरह को मेले चाहती है जहा कई प्रकार का पारिवारिक जरूरतों का सामान आसानी वी उचित मूल्य पर उपलब्ध हो जाता है
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