Dr Usha Shukla
4 years 3 weeks ago
संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न लोकतंत्रात्मक गणराज्य ...! भारत के जन-जन की आशा अभिलाषा का मूर्त रूप!!
किंतु......
गणतंत्र में गण रहा ही कहां?
तंत्र का जादू कुछ महानुभावों के सिरों पर चढ़कर बोल रहा है और गण बहलाया, फुसलाया जा रहा है आश्वासनों की डुगडुगियां पीटकर,वादे और घोषणाओं का बाजार गर्म है और और मैं स्वतंत्रता खोज रही हूं अपने आप को....
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