PURUSHOTTAM SHARMA
11 years 8 months ago
आज गाँवो के बच्चे कच्चे जोहड़ (एक बरसाती बडी नाली) में तैरते है अगर उनको अच्छा गाइड और तैरने के लिए अनुकूल वातावरण और एक मंच उपलब्ध हो तो क्या वह एक अंतरराष्ट्रीय तैराक नहीँ बन सकता बन सकता है मिल्खा सिंह भी भारत के गांवो से ही निकलकर एक अंतरराष्ट्रीय धावक बना था ठीक उसी प्रकार जाने कितने मिल्खा सिंह गांवो में निवास करते है जब खेल गांवो से जुड़ेंगे तो भारत अपने आप ही खेलो मेँ विश्व शक्ति बन जाएगा ओर गांव मेँ निवास करने वाले कितने ही बच्चे अपना भाग्य खेलो में देखेने लग जायेगे
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