prakash pohare
11 years 12 months ago
फिलहाल संपूर्ण देश में पहली से लेकर आठवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए मध्याह्न भोजन की योजना चलाई जा रही है. विद्यार्थियों को उचित और पौष्टिक आहार मिले तथा गरीब परिवार के बच्चों पर पढाई-लिखाई छोडकर केवल अपना पेट भरने के लिए मजदूरी करने की नौबत न आए; यह सरकार का महान उद्देश्य है फिर भी अपने बच्चे को कम से कम एक बार पेटभर भोजन मिले, इसीलिए हम अपने बच्चों को खिला-पिला नहीं सकते या हम स्वयं भी अपना पेट नहीं भर सकते इसीलिए हम हमारेे बच्चे को स्कूल न भेजकर अपने साथ काम पर ले जाते हैं, ऐसा कहने वाले
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