Yatin Bhandari
8 years 2 months ago
दूसरी चुनौती है भ्र्ष्टाचार की। गाँधी जी इसके खिलाफ थे और हम भी है। भ्रष्टाचार आज बस कागज़ों पर ही काम हुआ है पर हकीकत में हर सरकारी कार्यालय में भ्रष्टाचार आज भी फैला हुआ है। हर अफसर नीचे वालो को दबाता है उनसे पैसो की मांग करता है। उदाहरण के लिए यदि किसी कार्यालय में मान लीजिए प्रवर्तन अधिकारी है तो उनका अफसर उनसे उगाही करने को बोलता है। ये तो बस एक छोटा सा उदाहरण है हर महकमे में ये चलता है । मैंने ये उदाहरण दिया आप समझ गए होंगे कौन सा महकमा है ऐसा जिसमे प्रवर्तन अधिकारी से उगाही करायी जाती है।
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