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अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् की समीक्षा

आरंभ करने की तिथि :
Jul 08, 2015
अंतिम तिथि :
Aug 07, 2015
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् की ...
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RAJA SUBBURAYAN
10 साल 12 महीने पहले
most of the engg colleges are run by politicians in tamilnadu. they instructed to give more marks for +2students.they removed entrance exams.so everybody skores good marks and gets admission. everybody thinks that we are fit to study all.student who is unfit to do ITI also wants to do engg.they get seats ,wasting 4 yrs+5.0laks+25 arrears=unfit for job.kindly intr. common entrance test for all trades.Edu quality can be ensured.For teachers also pl intr talent exam. this is need of the nation.
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Rahul Jaiswal
10 साल 12 महीने पहले
1. Internship and projects should be taken seriously. It should not be fake and should be regularized through a portal like Job portals.
2. There should not be any campus placement. Every engineer should apply through a central Job portal, which will give equal chance for every student. then it'll be totally skill based selection.
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RAMESH MAHESHWARI
10 साल 12 महीने पहले
MAKE INDUSTRY TIE UP FOR ALL TECHNICAL INSTITUTIONS COMPULSORY(WAY ITS BEING DONE IN US) AS CONDITION FOR RECOGNITION AND INTRODUCE COMPULSORY 3/6 MONTHS INTERNSHIP(ON LINE WITH MEDICAL EDUCATION).
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Ravi Raushan Kumar
10 साल 12 महीने पहले
Make nptel.ac.in, ocw.mit.edu and other .nic.in websites FREE (at least on BSNL+MTNL) so that poor students can study in home and can take technical degree through open program (Which should be valid only if he appears GATE within three years of taking final degree with marks greater than MQMR of the year in the respective branch). After getting this degree in theories he should have to be appear in local AICTE-UGC approved technical collage to perform some experiments (&/or viva).
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akhilesh kumar_15
10 साल 12 महीने पहले
क्या यह भारत देश में नहीं बनाई जा सकती है जो विदेशो के पैर छूने पड़ रहे है आज भारत को
भारत के इंजीनियर और वैज्ञानिक विदेशो में रूपए के लिए काम कर रहे है और जो ये लोग बनाते है वही भारत अरबो रूपए देकर खरीदता है मतलब भारत के ही लोग बनाए और भारत के ही लोगों को बेचे ये है विदेशियो की नीति और भारतीय नेता इस नीति में फसते जा रहे है। सिर्फ अपने स्वार्थ के लिए।
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akhilesh kumar_15
10 साल 12 महीने पहले
यदि देश को उच्च कोटि का दर्ज दिलाना ही चाहते है तो फिर से गुरुकुल शिक्षा पद्वति सुरु कर दे एक एक स्कूल में 6 विषयों की जगह 18 विषय पढ़ाना सुरु कर दे जिसमे खगोल विज्ञान, रसायन विज्ञान, नक्षत्र शाश्त्र,संस्कृत,,इत्यादि विषय पढ़ाए जाए न कि सिर्फ गिने चुने विषय
मैंने सूना है की अमेरिका में जितने वैज्ञानिक है उनमे से 36% वैज्ञानिक केवल भारतीय है यदि यह सच है तो क्यों न हम उन सभी भारतीय वैज्ञानिकों को भारत में ही शोध करने की छूट दे और उनकी सुरक्षा व्यवस्था करे ताकि भारत एक उच्च कोटि का देश बन सके। जय
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akhilesh kumar_15
10 साल 12 महीने पहले
Aise agriment kyon kie jaa rahe hai jinse desh ka bhavishya khatare me pad raha hai san 1600 isvi me isht india company ai thi lagbhag 350 saal tak bharat ko gulaam banaakar rakhaa or ab fir se vahi kaam sarkar kar rahi hai are vikasit hi hona hai to swadeshi apnaakar desh ko vikasit karo aisa nahi ho sakta hai kya maananiya pradhan mantri ji kripaya koshish to karke dekhe ek bar......
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akhilesh kumar_15
10 साल 12 महीने पहले
थोड़ी भी इंसानियत बची हो तो पूरा
पढ़ना !
_______________________
4 दिसंबर 1984 की वो भयानक रात ! भोपाल
शहर मे अमरीकी कंपनी
यूनियन कार्बाइड के कारखाने मे से
( मिथाइल आइसोनेट ) नामक गैस का रिसाव
शुरू हुआ ! और देखते ही देखते पूरा शहर लाशों के
ढेर मे बदल गया ! एक ही रात मे 15 हजार लोग
क्या बच्चे क्या बूढ़े तड़प-तड़प कर मर गये ! हवा
का बहाव जिस और जाता गया तड़पती -
चीखती -चिलाती आवाजों के साथ लाशों
का ढेर लगता गया !
पूरे देश को बता दिया गया भोपाल मे जो
कुछ हुआ
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NISHANTH A C
10 साल 12 महीने पहले
My idea is Publish the topics invite the video lectures from teachers students and professionals make a YouTube like free educational video web with selected videos if student is not satisfied by lecture got from institution he can by online.
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Dr dinesh sharma
10 साल 12 महीने पहले
the previous system of examination in univrssities and colleges having the annual examination was better the student has to prepare severa all papers and he has to remember thelectures delivered at the begining of then session he has to revise all the topics before examination conversly in the semester system of examination once you clear the sem you dont remember the topics by thr end of cours most of the students forgot the semester system of examination should be abolished
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