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अपने दादा-दादी, नाना-नानी का इंटरव्यू रिकॉर्ड कर उनके बचपन की यादें साझा करें

आरंभ करने की तिथि :
Jun 29, 2020
अंतिम तिथि :
Jul 15, 2020
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

अपने दादा-दादी, नाना-नानी पर आधारित एक फिल्म बनाएं और हमसे साझा करें ...

अपने दादा-दादी, नाना-नानी पर आधारित एक फिल्म बनाएं और हमसे साझा करें

मन की बात के ताजा एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के बच्चों से आग्रह किया है कि वे अपने दादा-दादी, नाना-नानी से बात करें और उनसे उनके बचपन के बारे में पूछें: वे कौन से खेल खेलते थे, वे कभी नाटक या सिनेमा देखने जाते थे या नहीं, वे छुट्टियों में किन-किन रिश्तेदारों से मिलने जाते थे और कैसे त्यौहार मनाते थे ।

इन कहानियों से बच्चों को न केवल पहले के भारत के बारे जानने को मिलेगा, बल्कि परिवार के लिए एक अमूल्य खजाना भी तैयार हो जाएगा, जो हमेशा के लिए एक यादगार बन जाएगा।

सभी बच्चों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है (और वयस्कों के लिए भी), ‘कब रिपोर्टर’ की तरह अपने दादा-दादी, नाना-नानी या परिवार में किसी बुजुर्ग का इंटव्यू लें और वीडियो रिकॉर्ड कर MyGov परिवार के साथ साझा करें!

बटन दबाओ, कहानी सुनो और सुनाओ!

फिल्म अपलोड करने के लिए दिशा-निर्देश:
1. कृपया अपनी फिल्म अपने यूट्यूब (youtube) चैनल पर अपलोड करें।
2. MyGov / my submission (सबमिशन) में लॉगिन करें।
3. कमेंट सेक्शन में अपनी फिल्म का यूट्यूब (youtube) लिंक यहां पेस्ट करें।

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Raju Rajbhar
Raju Rajbhar 6 साल 1 week पहले
jab hum bachapan me hote the to sabhi ke dada and dadi ji hamare khwaiso ko puri karte the. Lekin hum aaj kal unki ichha tak nhi puchhte sakate . Log kitane bhi paise wale kyu n ho jaye , lekin 2 logo ka pet nhi bhar pate Vo hai Dada Aur Dadi ji. kahne ko to hum log dada dadi jarur kahate hai lekin schai yahi hai hi gaon me him sabhi dada ko(Baba),Dad ji (Aaji) sayad such yahi aaj bhi gaon me yahi kahate. Family me dada (baba), aur Dadi( Aaji )bina Adhura hota hai .
Priti Poddar
Priti Poddar 6 साल 1 week पहले
दादा जी ने मुझे कई कहानियाँ सुनाते थे, दादी जी गाँधी आश्रम में चरखा कातती थी जिससे गांधी जी की कहानियाँ प्रेरित करे| नानी पढ़ने के लिए प्रेरित करती, पकवान बनाना सिखलाती जिसमें कचौड़ी, पुलाव प्रमुख है, नाना कोर्ट में कार्यरत थे प्रेणा देते थे| अन्य स्वतंत्रता सेनानी थे| और आज इन्ही दादा-दादी, नाना-नानी के प्रेरणा सूत्रकी वजह से वकालत में लिप्त हूँ| धन्यवाद
Chandan Kumar
Chandan Kumar 6 साल 1 week पहले
A few years ago if the eldest person in the household meant that he is like the head of the household. Grandfather and grandmother are like a property in the house, they used to narrate stories of Ramayana and Mahabharata and social knowledge, we get to learn from them only. He used to play old games with us, guiding us about how a healthy meal can become a good citizen and a skilled youth of the nation. Only Grandpa and Grandpa fill the light in the houses in real life.
Chandan Kumar
Chandan Kumar 6 साल 1 week पहले
कुछ साल पहले अगर घर के सबसे बड़े व्यक्ति का मतलब होता है कि वह घर के मुखिया की तरह । दादाजी और दादी घर में एक संपत्ति की तरह है , वे रामायण और महाभारत की कहानियां सुनाते थे और सामाजिक ज्ञान, संसकर हमें उनसे ही सिखने को मिलता हैं। वे हमारे साथ पुराने खेल खेलते थे, हमें इस बारे में मार्गदर्शन देते था कि एक स्वस्थ भोजन राष्ट्र का, एक अच्छा नागरिक और कुशल युवा कैसे बन सकता है घर रौशन दादाजी दादी जी के होने से ही होता है.
Chandan Kumar
Chandan Kumar 6 साल 1 week पहले
A few years ago if the eldest person in the household meant that he was like the head of the household. Grandfather and grandmother are like a property in the house, they used to narrate stories of Ramayana and Mahabharata and we get to learn social knowledge from them only. He used to play old games with us, guide us on how a healthy meal can become a good citizen and a skilled youth of the nation.
Chandan Kumar
Chandan Kumar 6 साल 1 week पहले
सरकार को ध्यान देना चाहिए. अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध, शिक्षा, पेयजल, बिजली और युवाओं को अब सरकारी नौकरी मिल सके या उन्हें उनके ही क्षेत्र में रोजगार