Manoj Gautam
11 साल 5 महीने पहले
अच्छे कार्यों के करने में जिस किसी भी मनुष्ष्य पर कठिनाइयाँ एवं परेशानियाँ आवें तो यह अवश्य ही जान व मान लेना चाहिये कि यह उसके मानवता की परीक्षा यानी मानवता का परिक्षण हो रहा है।
"यदि वह साहसपूर्वक सहिष्णुता के विधान से दृढ़ता पूर्वक अपने अच्छे पथ या विधान पर स्थिर रहता है तो निश्चित् ही उस परीक्षण में पास होता हुआ वह मानवता के अगली श्रेष्ठतर श्रेणी की तरफ
निःसंदेह उठ रहा है । इसमें सन्देह तो कदापि न करें ।"
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