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उच्चतर शिक्षा को समाज से जोड़ना

Linking higher education to society
आरंभ करने की तिथि :
Jan 22, 2015
अंतिम तिथि :
Nov 01, 2015
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

उच्चतर शिक्षा संस्थाओं की सामाजिक विकास में भूमिका लगातार ...

उच्चतर शिक्षा संस्थाओं की सामाजिक विकास में भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। हाल के वर्षों में इस शिक्षा ने अपने को समाज से अलग थलग कर लिया है और उच्चतर शिक्षा को समाज के साथ निकटता से पुन:स्थापित एवं मजबूत करने की आवश्यकता है। विश्वविद्यालय, सामाजिक जिम्मेदारी बढ़ाने तथा सामुदायिक आउटरीच कार्यक्रमों में भागीदारी कैसे बना सकता है। कुछ कार्यरत उदाहरण शेयर करना भी एक उपयोगी निवेश होगा।

फिर से कायम कर देना
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Dr Kanwar Lal Jat
Dr Kanwar Lal Jat 11 साल 1 महीना पहले
शासकीय स्नातकोत्तर महावदि्यालय नीमच. जिला नीमच म. प्र. 1. विद्या-िर्थयों के लिये एन.एस.एस. एवं एन.सी.सी अनिवार्य की जाना चाहिये ताकि समाज की समस्याओ/कुरितियों के बारे में लोगों को समझाकर प्रभावी ढंग से उनका उन्मूलन किया जा सके। 2. स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा स्वास्थ्य ,आपदा प्रबंधन,जागरूकता आदि के संबंध में शिविर व कार्यक्रम किये जाते है उनमें छात्रों की सहभागिता हो। 3.शासन द्वारा संचालित योजनाओं के संबंध में लोगो को अवगत कराने तथा कियान्वन की वास्तविकता को जानने के लिऐ युवाओ को सहभागी
Dr Kanwar Lal Jat
Dr Kanwar Lal Jat 11 साल 1 महीना पहले
शासकीय स्नातकोत्तर महावदि्यालय नीमच. जिला नीमच म. प्र. 1. विद्या-िर्थयों के लिये एन.एस.एस. एवं एन.सी.सी अनिवार्य की जाना चाहिये ताकि समाज की समस्याओ/कुरितियों के बारे में लोगों को समझाकर प्रभावी ढंग से उनका उन्मूलन किया जा सके। 2. स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा स्वास्थ्य ,आपदा प्रबंधन,जागरूकता आदि के संबंध में शिविर व कार्यक्रम किये जाते है उनमें छात्रों की सहभागिता हो। 3.शासन द्वारा संचालित योजनाओं के संबंध में लोगो को अवगत कराने तथा कियान्वन की वास्तविकता को जानने के लिऐ युवाओ को सहभागी
SUDARPURA DHADHA JAIPUR
SUDARPURA DHADHA JAIPUR 11 साल 1 महीना पहले
छात्रो पढ़ाई के साथ समुदाय\गाँव मे योगदान ग्रामीण बुजुर्ग व महिलाए को शिक्षा का महत्त्व समझने से योगदान कार सकते है !
Dr Kanwar Lal Jat
Dr Kanwar Lal Jat 11 साल 1 महीना पहले
दिनांक 07.07.2015 को भारत सरकार की नवीन - शिक्षा नीति पर निकाय/तहसील स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया ( शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नीमच- ब्लॉक स्तर) 1. वंचित वर्गके बच्चे जो कोचिंग affort नही कर सकते उनकी आय बढाने के साधन निर्मित किये जावे। 2. पिछडे, SC/ST वर्ग के जो लोग आगे बढ गये है वो अभी पिछडे है उनकी सुधलें। 3. Nation first की धारणा ज्यादा जरूरी career first के बजाय। छात्रो को समुतिच समय पाठयक्रम/पढाई से बाहर जाकर कार्य हेतु समाज से जुडने हेतु मिलना चाहिये।
Dr Shilpi Jha
Dr Shilpi Jha 11 साल 1 महीना पहले
Several countries in this world have compulsory military service for youth. India, with world's largest population between 18-25 years can have a compulsory social service for its youth. Universities can also fulfil their corporate social responsibility through their enormous manpower resource and untapped potential of young brains. With 20 million youth enrolled in higher education, 2 hours per week of social system can lead to about 2 billion hours of manpower per annum.