Home | MyGov

Accessibility
ऐक्सेसिबिलिटी टूल
कलर एडजस्टमेंट
टेक्स्ट साइज़
नेविगेशन एडजस्टमेंट

कन्या साक्षरता को बढ़ावा देने में माता- पिता की क्या भूमिका होती है?

Role of parents in furthering education for daughters
आरंभ करने की तिथि :
Jan 01, 2015
अंतिम तिथि :
Jul 17, 2015
04:15 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

कन्या साक्षरता को बढ़ावा देने में माता- पिता की क्या भूमिका होती है? ...

कन्या साक्षरता को बढ़ावा देने में माता- पिता की क्या भूमिका होती है? क्या आपको लगता है कि माता-पिता का भेदभाव न करके लड़कियों के प्रति -सामान व्यवहार करना कन्या साक्षरता को बढ़ावा देगा?

फिर से कायम कर देना
8190 सबमिशन दिखा रहा है
Mainur Islam
Mainur Islam 11 साल 7 महीने पहले
I think it is a best process Beti Bachao Beti Padhao. Kyoki isme bohut si ladki ki life bansakti hain. Jo ladki pehle kabi padh nehi saki to use padhne ka mouka mil rahi hain. To main thank you kehna chahunga adaraniya Prodhan Mantri jika Ki unohoune itna bada kadam liya isliye main uska sukur gujar hoo.
Dr Sandeep Patil
Dr Sandeep Patil 11 साल 7 महीने पहले
ऐसा कहा जाता की जब एक पुरुष शिक्षित होता है तो वह शिक्षा उसके दायरे तक ही सिमित रहती है;पर जब एक स्त्री पढती है तो वह पुरे घर और समाज को शिक्षित कराती है. यह महत्व समाज कर महात्मा ज्योतिराव फुले एवं सावित्रीबाई फुले ने पुणे में महाराष्ट्र की सबसे पहली लड़कियोंके लिए स्कूल चालू की. इसिलए हमें लड़कियोंके शिक्षा के लिए यथासंभव बढ़ावा देना चाहिए
PREETI ARORA
PREETI ARORA 11 साल 7 महीने पहले
बेटियां सबके मुकद्दर में कहाँ होती हैं खुदा को जो घर पसंद आये वहां होती है " बेटियां तो सबके जीवन में एक फूल की तरह होती हैं, बेटी को कली रहते ही मत तोड़ो, उसे खिलने दो, महकने दो, बेटीयों की ही मुस्कराहट से ही परिवार महकते है और परिवार है तो समाज है और खुशहाल समाज है तो खुशहाल जीवन है. बेटियों को पढ़ाकर ,आत्मविश्वास से भरपूर करने में सहयोग क्र प्रत्येक व्यक्ति राष्ट्र के उन्नति में अपना योगदान कर सकता है. "बेटी बचाओ बेटी पढाओ "
PREETI ARORA
PREETI ARORA 11 साल 7 महीने पहले
बेटियां सबके मुकद्दर में कहाँ होती हैं खुदा को जो घर पसंद आये वहां होती है " बेटियां तो सबके जीवन में एक फूल की तरह होती हैं, बेटी को कली रहते ही मत तोड़ो, उसे खिलने दो, महकने दो, बेटीयों की ही मुस्कराहट से ही परिवार महकते है और परिवार है तो समाज है और खुशहाल समाज है तो खुशहाल जीवन है. बेटियों को पढ़ाकर ,आत्मविश्वास से भरपूर करने में सहयोग क्र प्रत्येक व्यक्ति राष्ट्र के उन्नति में अपना योगदान कर सकता है." बेटी बचाओ बेटी पढाओ "
harish garg
harish garg 11 साल 7 महीने पहले
goodmorning sir, sorry to distrub in the morning but matter is serious for swatch bharat abhyan- i see a boy under peeragudi flyover he is doing susu in a corner . is that possiable ke each bus stop par ak shulab sochalya ban jaye .jisse koi bhi idhar udhar gandgi na falaye , sath mai ak pamanent dustbin lag jaye jo gandgi na falne de. than make clean delhi .pls think .