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किस प्रकार दादरा एवं नगर हवेली संघ राज्य क्षेत्र में भारी वाहनों का आवागमन एवं यातायात सुरक्षा के विकास को नियंत्रित किया जाये?

How to Control Growth of Heavy Vehicular Traffic & Traffic Safety in UT of Dadra & Nagar Haveli?
आरंभ करने की तिथि :
Mar 31, 2015
अंतिम तिथि :
Mar 31, 2016
18:00 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

दादरा एवं नगर हवेली देश के अन्य हिस्सों के साथ सड़क और रेल के माध्यम से ...

दादरा एवं नगर हवेली देश के अन्य हिस्सों के साथ सड़क और रेल के माध्यम से अच्छी तरह से जुडा हुआ है| राष्ट्रीय राजमार्ग-8 इस क्षेत्र के लिए प्रमुख सड़क यातायात प्रदान करता है| संघ प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और औद्योगिकीकरण के साथ, जनसंख्या और वाहनों की संख्या पिछले कुछ वर्षों में तेजी से वृद्धि हुई है | इस कारण शहरी क्षेत्र में यातायात भीड़ होती है| संघ प्रदेश प्रशासन ने इस संघ प्रदेश में भारी वाहनों के यातायात स्थिति को सुधारने के लिए लगातार कदम उठाए हैं और मौजुदा समस्याओं और कठिनाइयों के मद्देनजर यह महसूस किया जाता है कि बढ़ती भीड़भाड़ समस्या को हल करने के लिए सुनियोजित तरीके से सड़क क्षेत्र में आधारिक संरचना के सुधार की सख्त जरुरत है|

रिपोर्ट विनियामक और आर्थिक संदर्भ के बारे में जानकारी प्रदान करता है, जहां प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र में भारी वाहन यातायात को संचालित करता है| संघ प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली के शहरी क्षेत्र के भीतर भारी वाहन सुरक्षा के मुद्दों का प्रबंधन करने के लिए भविष्य के वाहन यातायात और उपाय को पूर्वानुमान निराकरण के अनुसार किया जाना है| टास्क फ़ोर्स ने संघ प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली में सड़क पर यातायात करने वालों के लिए सड़क सुरक्षा में सुधार करने के बारे में संभावित जोखिम और अवसरों की पहचान का आकलन करने के लिए एकत्र की गई जानकारी को प्रयुक्त किया है|

पैदल यात्री, साइकिल चालक या सार्वजनिक या निजी परिवहन के उपयोगकर्ता के रूप में यातायात नेटवर्क का उपयोग करते समय दुर्घटनाग्रस्त होकर या तो गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं, या उनकी मौत हो जाती है| इसलिए यातायात सुरक्षा महत्वपूर्ण है| क्योंकि भारी भीड़ के कारण व्यक्ति घायल हो जाता है या दुर्घटना के कारण उसकी मौत हो जाती है| संघ प्रदेश के यातायात विभाग के अनुसार वर्ष में संघ प्रदेश स्तर पर सड़क दुर्घटना के कारण अनुमानित 50-60 मौतें होती हैं| जानहानियाँ और घायलों की संख्या को कम करने के लिए उपाय किये जा सकते हैं|

अधिकांश औद्योगिकृत राज्यों और संघ प्रदेशों के पास सुरक्षा संबंधी वाहन उपकरणों, सिस्टम, डिजाइन और निर्माण के लिए व्यापक आवश्यकताएं एवं विनिर्देश हैं| इसके अंतर्गत यात्रियों को रोकने के लिए एयरबैग में सीट बेल्ट, दुर्घटना रोकने के लिए लाईट एवं रिफ्लेक्टर ड्राइवर के लिए इलेक्ट्रोनिक स्थिरता नियंत्रण सिस्टम, दुर्घटना से बचने के लिए अग्नि सुरक्षायन्त्र, मानक इंधन सिस्टम एवं मर्यादित सुरक्षा ग्लास संसूचक के इस्तेमाल शामिल हैं|

आप अपनी टिप्पणियां 31 मार्च 2016 को शाम 6:00 बजे तक भेज सकते हैं।

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Raghavan Kannan
Raghavan Kannan 11 साल 2 महीने पहले
We should be able to strengthen public transport system and improve the quality also. Private vehicles should not be allowed to enter cities without having adequate number of passengers. Border to be fixed for all cities and private vehicle parking facilities are to be arranged at the boarder of all the cities. After the boarder only public trasport should be allowed and in case private vehicles are to be allowed, the vehicle should have a minimum number of passengers only Raghavan K, Kollam
K Suneetha Reddy
K Suneetha Reddy 11 साल 2 महीने पहले
To control the traffic we have make a rule that all the govt. viechele have to be under collectorate Administration where every viechele have an GPS device. Each viechle have to be on contract basis. Govt. will never buy any viechele they have to submit all the GPS location report to the DM. He will confirm that there is no govt. viechele is miss used.
Kuppili Prathyusha
Kuppili Prathyusha 11 साल 2 महीने पहले
For publc transport we have to improve the Buses, Autos local transport viechle. Before issuing Driving License a necessary rule booklate and a movie which shows the Unsafety due to Helmat and accident due to speed and all other necessary messages. Driving over 40 km/h in the city and 60km/h on the highway is prohabbited(banned). Moral education on road traffic should be included in school syllabus and on each sunday a visit to govt deparments confirmed by principal.