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कृषि क्षेत्र में बजट प्रावधानों के प्रभावी कार्यान्वयन पर विचारों का आमंत्रण

आरंभ करने की तिथि :
Mar 01, 2021
अंतिम तिथि :
Mar 31, 2021
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कृषि क्षेत्र में बजट प्रावधानों ...
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Bhaskar das
5 साल 4 महीने पहले
किसान देश में एक ऐसा व्यक्ति है जिसे अपने उत्पाद की कीमत तय करने का अधिकार नहीं मिलता।
आज के समय में जहां एक किसान को खेत में मजदूर नहीं मिलते और मिलते है तो इतने महंगे की किसान अपनी लागत से ऊपर खर्च कर जाता है और ऊपर से समय पर सरकारी खाद की उपलब्धता भी बहुत मायने रखती है आप 1960 से 2020 तक खाद की कीमत देखेंगे तो उसकी तुलना में किसान के फसल की कीमत उतनी नहीं बड़ी।
तो ये सारी बातें है जो एक किसान समझता है। बाकी ग्लोबल वार्मिंग एक बहुत बड़ा कारण है जिसे देश को सोचना चाहिए।
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Bhaskar das
5 साल 4 महीने पहले
सरकार को चाहिए की योजना की जानकारी और उसका पूरा प्रोसेस एक ही वेबसाइट में उपलब्ध हो और एक निश्चित प्रारूप में कार्य की पूरी प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध रहे।
चाहे लोग हो या किसान या कोई भी, इसी वजह से उसे किसी भी जानकारी को समझने और उसे अमल करने में ढेर सारी समस्या आती है।
सवाल* किसके पास जाए ,किससे मिले कौन सा अधिकारी इसे करता है। और सबसे बड़ी बात कागजात जमा करने के बाद उसकी ट्रेकिंग नही हो पाती जिस वजह से वो किसी भ्रष्ट अधिकारी के पास दब जाता है।
तो ऐसा कुछ वजह है। ये मेरा निजी अनुभव है।
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Bhaskar das
5 साल 4 महीने पहले
हमारे देश में आज दो प्रकार के किसान है। एक वो जिसके पास बहुत सारी खेती की जमीन है और एक वो जिसके पास सिर्फ अपने जीवन यापन के लायक जमीन है ऐसा ही स्वरूप हर प्रकार के छेत्र में आपको देखने मिलेगा।
वजह ये नही की हमारे देश का निचला तबका या किसान या जो भी व्यक्ति हो , उसे सरकारी तंत्र की जानकारी नहीं ।
वजह ये है की इसकी सरचना इतनी जटिल है की एक सामान्य जीवन जीने वाले को इसकी समझ नही। और जो दूसरा तबका है उनके संसाधन इतने है की वो इसे अपने माध्यम से करते है।
कृपया मेरा दूसरा पोस्ट जरूर पढ़े
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Mukesh Kumar Sinha
5 साल 4 महीने पहले
हर वर्ष हजारों टन अनाज हमारे देश में बर्बाद हो जाते है। जरूरत है तो उपजे अनाज को व्यवस्थित ढंग से रखने की। ब्यापारी का अनाज एक जगह से दूसरे जगह सुरक्षित पहुंच जाते है,पर सरकारी अनाज बारिस से, चूहों से, समय से न बाँटने से सड़ जाते है। ऐसे में कानून इतना सख्त हो की दण्ड एक को मिले सिख पुरे देश के अधिकारियों को मिले । इसके लिए न्याय की गति को भी तेज करने की जरूरत होगी ।
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ARUN KUMAR GUPTA
5 साल 4 महीने पहले
Farmers may form a cooperative and purchase some costly farm equipment.
They can take the equipment by paying some rent. This rental income may be utilised for driver and maintenance of the equipment
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Shanta Srivastava
5 साल 4 महीने पहले
"कृषि विविधीकरण परियोजना" की पुन:शुरूआत से किसानों का विकास होगा! सादर धन्यवाद!
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Shanta Srivastava
5 साल 4 महीने पहले
कि अचानक "कृषि विविधीकरण परियोजना" को सन् 2005 में बन्द कर दिया गया जिससे किसानों/महिलाओं का नुकसान तो हुआ ही साथ ही इस परियोजना से जुड़े तमाम कार्यकर्ता भी बेरोजगार हो गये परियोजना के सरकारी कर्मचारी व एन.जी.ओ. कार्यकर्ता जो बड़े ही लगन व मेहनत से किसानों को जागरूक,प्रेरित व प्रोत्साहित कर रहे थे उनकी सारी मेहनत पर पानी फिर गया! इसलिये मेरा सरकार से निवेदन है कि किसानों के लिये वरदान साबित हुई "कृषि विविधीकरण परियोजना" को पूरे देश में पुन: शुरू की जाय जिससे महिला/पुरूष किसानों का सशक्तितरण हो!
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Shanta Srivastava
5 साल 4 महीने पहले
खेती में विविथता लाने के लिये सरकार व सहयोगी संस्थाओं का बहुत बड़ा योगदान था! "कृषि विविधीकरण परियोजना" किसानों के सशक्तिकरण के साथ साथ महिला सशक्तिकरण के लिये बहुत बड़ी भूमिका निभा रहा था! किसानों की जैविक खेती के प्रति जागरूकता बढ रही थी साथ ही महिलायें आत्मनिर्भर बन रही थी! यह परियोजना "किसानों के सशक्तिकरण" व "महिला सशक्तिकरण" के लिये वरदान था! किसान विग्यान केन्द्रों के माध्यम से भी किसान गोष्ठियों में भाग लेकर, किसान विद्यालय व किसान टूर के माथ्यम से खेती के तमाम विधाओं में निपुण हो रहे थे
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Shanta Srivastava
5 साल 4 महीने पहले
बैंक में स्वयं सहायता समूहों का खाता खुलवाकर बैंक से ईमानदारी के साथ लेन देन की आदन में परिपक्व करने के बाद ब्लाक के माध्यम से सी़सी़एल़ के लिये चयन कर बैंक से CCL के बाद प्रोजेक्ट लोन से भी जोड़कर पशुपालन, डेयरी, सुकर पालन, बकरी पालन नील उद्योग, अगरबत्ती, मशरूम आदि व्यवसाय के साथ ही महिलाओ को पोस्ट हार्वेस्ट से प्रशिक्षित कराकर अचार मुरब्बा, जेम जैली, सॉस आदि का प्रशिक्षण देकर छोटे छोटे व्यवसाय कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाता था! किसानों को मिट्टी जाँच से लेकर जैविक खेती व खेती में विविधता
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Kamal dev
5 साल 4 महीने पहले
jai hind 🙏
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