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कृषि क्षेत्र में बजट प्रावधानों के प्रभावी कार्यान्वयन पर विचारों का आमंत्रण

आरंभ करने की तिथि :
Mar 01, 2021
अंतिम तिथि :
Mar 31, 2021
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कृषि क्षेत्र में बजट प्रावधानों ...

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कृषि क्षेत्र में बजट प्रावधानों के प्रभावी कार्यान्वयन पर एक वेबिनार को संबोधित किया है।

केंद्रीय बजट में कृषि क्षेत्र से संबंधित प्रमुख घोषणाएँ निम्न हैं और हम जनता और अन्य हितधारकों से विचार और सुझाव आमंत्रित करते हैं

• कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड को एपीएमसी में इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
• ई-एनएएम ने कृषि बाजार में जो पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा लाई है, उसे ध्यान में रखते हुए 1,000 और मंडियों को ई-एनएएम के साथ एकीकृत किया जाएगा।
• वित्त वर्ष 2022 तक कृषि-ऋण को बढ़ाकर 16.5 लाख करोड़ रुपये करने का लक्ष्य जिसमें पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन पर फोकस होगा।
• नाबार्ड के तहत 5,000 करोड़ के कोष के साथ बनाए गए माइक्रो इरिगेशन फंड को दोगुना करने की योजना।
• केंद्रीय वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन और NAFED जैसे CPSE की वेयरहाउसिंग संपत्ति को एसेट मोनेटाइजेशन प्रोग्राम के तहत रोल आउट किया जाएगा।
• बहु-राज्य सहकारी समितियों का विकास और उन्हें सरकार द्वारा सहायता। सहकारी समितियों के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए एक अलग प्रशासनिक ढांचा स्थापित करना।
• पीएलआई की योजना 10,900 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ है। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बनाने के लिए वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं का एक अभिन्न अंग बनाने के लिए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का प्रयोग तथा मूल्य को बढ़ावा देना और निर्यात को बढ़ाना।
• कृषि और संबद्ध उत्पादों और उनके निर्यात में मूल्यवर्धन को बढ़ावा देने के लिए ऑपरेशन ग्रीन स्कीम का दायरा जो वर्तमान में टमाटर, प्याज और आलू पर लागू होता है, को 22 खराब होने वाले उत्पादों को शामिल करने के लिए बढ़ाया जाएगा।
• 5 प्रमुख मत्स्य पालन बंदरगाह - कोच्चि, चेन्नई, विशाखापत्तनम, पारादीप और पेटुघाट आर्थिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इनलैंड मछली पकड़ने के बंदरगाह और नदियों के किनारे मछली पकड़ने के केंद्र, जलमार्गों का निर्माण।
• समुद्री शैवाल खेती और मूल्य श्रृंखला को बढ़ावा देने के परिणामस्वरूप तटीय समुदायों विशेषकर महिलाओं के लिए तमिलनाडु में बहुउद्देशीय समुद्री शैवाल पार्क स्थापित करने से आय में वृद्धि होगी।

कृषि क्षेत्र के लिए बजट पहल पर एक विस्तृत पीपीटी के लिए यहां क्लिक करें।

भेजने की अंतिम तिथि: 31 मार्च 2021

फिर से कायम कर देना
1152 सबमिशन दिखा रहा है
LaxmiNarayan
LaxmiNarayan 5 साल 4 महीने पहले
Because everyone eats food, and because in the modern world foodstuffs are distributed across huge areas, any issue relating to agriculture ultimately affects a large and scattered range of consumers. The complexity of agricultural land use and food production systems also means that many different organisations have commercial or regulatory interests in farming and its possible health effects. All these need to be considered as potential participants in the assessment. 
ARUN KUMAR TIWARI
ARUN KUMAR TIWARI 5 साल 4 महीने पहले
मान्यनीय महोदय जी जिस तरह से किसानों के हितों की रक्षा करते हुए पॉलिसी का निर्माण एवं बजट का प्रावधान किया गया है। इसे देखकर यह महसूस होता है कि आने वाले कुछ समय मे भारतवर्ष अवश्य ही 5 ट्रिलियन इकोनॉमी को क्रॉस कर जाएगी। भारत सरकार के पालिसी मेकर और भारत सरकार को बहुत बहुत धन्यवाद जो कि उन्होंने इतने गम्भीर विषय को आमजनता के बीच समूह चर्चा के लिए उपस्थित किया। चूंकि विरोधी दलों द्वारा अफवाहें फैलाकर भारतवर्ष के आम नागरिकों के मनों मस्तिष्क में भ्रम की स्तिथि पैदा कर देते है। इस समूह चर्चा से रोक
ARUN KUMAR TIWARI
ARUN KUMAR TIWARI 5 साल 4 महीने पहले
फिशिंग इकोनॉमी के अंतर्गत आंतरिक फिशिंग व्यापार की उन्नति और वृद्धि के लिए कोच्चि, चेन्नई, पारादीप, विशाखापत्तनम पेरूघाट को इकोनॉमी हब के रूप विकसित करने से मछुआरों समुदाय को बहुत बड़ी राहत मिल पाएगी। इन क्षेत्रों में फिशिंग डेवलपमेंट इंडस्ट्रियल लगाई जाएगी जिससे जल्द खराब होने वाले फिशिंग बिजनेस के घाटा में कमी आएगी। ये इंडस्ट्रीज फिशिंग प्रोसेसिंग करके फिशिंग एक्सपोर्ट को बढ़ावा देंगे। जो कि मछुआरों समुदाय को बहुत ही बढ़िया जीवन दिलाएगी
ARUN KUMAR TIWARI
ARUN KUMAR TIWARI 5 साल 4 महीने पहले
ऑपरेशन ग्रीन स्कीम के अंतर्गत पोटैटो, ओनियन और टोमाटो समेत 22 ऐसे खाद्य पदार्थो की निर्यात की मंजूरी दी गयी है। जिससे किसान भरपूर मात्रा में पैदावार करके इन ग्रीन हेल्थी आयटमों को निर्यात कर सकेंगे। जिससे उनकी आर्थिक स्तिथी तो सुधरेगी साथ ही अन्य कृषक गण भी इस योजना से प्रेरित होंगे । जिससे देश मे ग्रीन आयटमों के उत्पादन में वृद्धि होगी। भारत सरकार का बहुत बहुत धन्यवाद एवम पॉलिसी मेकर को भी बहुत बहुत धन्यवाद।
ARUN KUMAR TIWARI
ARUN KUMAR TIWARI 5 साल 4 महीने पहले
फ़ूड प्रोसेसिंग सेक्टरों को बढ़ावा देने के लिए ग्लोबल सप्लाई मार्केट निर्माण हेतु और फ़ूड प्रोसेसिंग सेक्टर में टेक्नोलॉजी विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार द्वारा 10,500 करोड़ के बजट फंड की व्यवस्था बनाई गई है। जिससे फ़ूड प्रोसेसिंग यूनिट से जुड़े किसानों को इसका भरपूर लाभ मिलेगा। व्यापार करने के नवीन अवसर सृजित होंगे। ग्लोबल बिजनेस सेक्टर में वृद्धि होने से देश की अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी।
mahesh biyani
mahesh biyani 5 साल 4 महीने पहले
FCI Procurement history ? Y did it buy only from Punj/Haryana ? The guilty should be hanged ! Not one farmer protested in other states, mafia raj at best ? even the maximum state /central subsidy freebies to all them ! all paid by Honest Hindu Gujju/marwari biz clan ? is this equality defined under indian guran tughlaq collegium ! gandy marji gandy rule ! Time to change it ! FCI must buy a % from One district one product & all states favored crops be it bajra/makkai/mungfali/jo/jawar
NK Nautiyal
NK Nautiyal 5 साल 4 महीने पहले
The more modernised the agriculture sector will be the better the lives of our farmers will be... Farmers should be informed about various schemes extensively and the advantages and disadvantages of particular crop or use of fertilizers... Our farmers should be introduced with new and better crops options rather then just growing the usual wheat and rice.
ARUN KUMAR TIWARI
ARUN KUMAR TIWARI 5 साल 4 महीने पहले
इजी ऑफ डूइंग बिजनेस के मूलमंत्र का पालन करते हुए भारत सरकार ने किसानों को अपने उत्पाद को कहीं भी भेजने की स्वतंत्रता प्रदान करने हेतु मल्टी स्टेस्ट कॉपरेटिव और सेल्फ एडमिनिस्ट्रेशन जैसे व्यवस्था लागू की है। जिससे किसानों को बहुत ज्यादा फायदा होगा और उनके फसलों का उचित मूल्य भी प्राप्त हो सकेगा।
ARUN KUMAR TIWARI
ARUN KUMAR TIWARI 5 साल 4 महीने पहले
असेट मोनोटाइजेशन प्रोग्राम के अंतर्गत सेंट्रल वेयर हाउस और नाफेड की सहायता से और भी वेयरहाउस का निर्माण करने से ज्यादा कृषि उत्पादों की खरीदी सम्भव हो सकेगी। क्योंकि निश्चित मात्रा में वेयरहाउस हाउस होने से किसानों के फसलों को निश्चित मात्रा में ही अब तक खरीदी जा सकती थी। अब चूंकि वेयरहाउस की संख्या बढ़ने किसानों की फसलों की खरीदी में भी वृद्धि दर्ज होगी।