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'ग्रामीण भारत- कैसे होगा पर्यटन से लाभ' विषय पर भेजें अपने सुझाव

आरंभ करने की तिथि :
Sep 27, 2020
अंतिम तिथि :
Oct 31, 2020
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

हर वर्ष 27 सितंबर के दिन विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष ...

हर वर्ष 27 सितंबर के दिन विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष विश्व पर्यटन दिवस का विषय है ‘पर्यटन और ग्रामीण विकास’। पर्यटन ग्रामीण समुदायों को उनके अनोखे चरित्र, सांस्कृतिक विरासत, संरक्षणवादी योजनाएं, विलुप्तप्राय प्रजातियों, परंपराओं और ज़ायके को सुरक्षित रखने में मदद करता है। कई ग्रामीण समुदायों के लिए पर्यटन जीवन रेखा के समान है। यह क्षेत्र ग्रामीण महिलाओं और युवाओं के लिए न सिर्फ रोजगार का एक प्रमुख जरिया है बल्कि यह कई दूर-दराज के इलाकों को क्षेत्रीय सामंजस्य और समाजिक-आर्थिक समावेश का अवसर भी प्रदान करता है। हमारे गांव के लोग सही मायने में हमारी संस्कृति के संरक्षक हैं और उसकी अभिव्यक्ति करते हैं।

जैसा कि हम अपने देश के सतत विकास के लिए काम कर रहे हैं, ग्रामीण भारत में हार्ड और साफ्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, और पर्यटन को बढ़ावा देने की अत्यंत आवश्यकता है।

पर्यटन मंत्रालय, माईगव के सहयोग से आपको अपने सुझाव 'ग्रामीण भारत- कैसे होगा पर्यटन से लाभ' विषय पर साझा करने के लिए आमंत्रित करता है।

प्रविष्टियां भेजने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2020 है।

फिर से कायम कर देना
2275 सबमिशन दिखा रहा है
sandeep kumar tiwary
sandeep kumar tiwary 5 साल 10 महीने पहले
ग्रमीण सभ्यता संस्कृति अपने धरोहरों को संजोए समेटे हुए है।आधुनिक युग मे अभी भी बहुत ग्राम शहरों से अछूते है और अपने धरोहर या संस्कृति का प्रसार प्रचार बाह्य प्रदेश में नही कर पाए है।अतः उन सभी ग्रामीण इलाकों का सर्वेक्षण करके वहाँ के धरोहरों या प्रसिद्ध लोकप्रियता वाले साक्ष्यों को सबके सामने लाने का प्रयास किया जाना चहिए।अगर ऐसा होगा तो सभी की नजर उसपर पड़ेगी तो पर्यटन का भी लाभ मिलेगा जिससे ग्रमीण लोगो के जीविकोपार्जन के लिए अनेक मार्ग प्रसस्त होंगे।साथ ही बौद्धिक विकास भी होगा ।
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Rao Snehin
Rao Snehin 5 साल 10 महीने पहले
villages are more important so their are many lakes in village so, clean them first then improve booting, infrastructure of the villages should be improved transportation nice roads, landscaping, greenery, traditional look of villages should be encouraged hotels to should be also in village atmostsphere should be we also support local communities. so, that village people employment will be increases and economy also will be increased
Sachin Vibhute
Sachin Vibhute 5 साल 10 महीने पहले
Classify every State and district district on various tourism factor Like Religious, Adventure, Forts and Palaces, Sea and Desserts and Waterfalls etc. For eg.Solapur maharashtra is one of best place for Religious tourism . lakhs of tourists and Pilgrimage tourists visits here every year. Solapur is Connected to every parts of India by means of Trains , Airport and roads. Give special funds for development of these areas for tourism purpose. We must focus on rural agriculture tourism also.
Shubham yodha
Shubham yodha 5 साल 10 महीने पहले
ग्रामीण भारत विकास से हमेशा अछूता ही रह रहा है कारण बोहोत है लेकिन समाधान भी एक है सबकी सोच को सकारात्मकता लाना. थोड़ा कठिन जरूर है लेकिन नामुनकिन नही इसके लिए हर व्यक्ति से योगदान जरूर लेना चाहिए योगदान कराने से लोगो मे परिवर्तन की लहर अपने आप जाग उठती है और व्यक्ति विकास के लिए प्रयासरत रहता है.। सरकार को चाहिए की हर गाँव को मुख्य धारा से जोड़ा जाये चाहे जो भी कार्य हो. राष्ट्रीय राजमार्ग जैसे चीजों के द्वारा ही मुख्य धारा मे जोड़ना बोहोत अच्छा साबित हो सकता है बैंक और खुला व्यवसाय के लिए भी
Aanjaneya Mishra
Aanjaneya Mishra 5 साल 10 महीने पहले
Indian villages should be unique in as many ways as possible. Road construction projects will result in greater inclusion between rural and urban areas and will boom real estate prices to attract private players to establish hotels, promoting tourism. More and cheap airports will make commute easier. It will also result in agrarian development and generation of employment in these areas. At the same time, villages should retain a link with Indic civilisation to let foreigners have a taste of it.
RISHIDEV ARYA
RISHIDEV ARYA 5 साल 10 महीने पहले
भारत की संस्कृति और परम्परायें वस्तुतः गाँवों में ही देखने को मिलती हैं। इसलिये भारत की संस्कृति को बनाये रखने के लिये आवश्यक है कि जनमानस में गाँव के प्रति लगाव बना रहे।