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जलवायु परिवर्तन के खतरे को कम करने के लिए जनता की भागीदारी

Public participation in mitigating climate change
आरंभ करने की तिथि :
Jan 01, 2015
अंतिम तिथि :
Jul 17, 2015
04:15 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

क्या जलवायु परिवर्तन के खतरे को कम करने के लिए केवल सरकार ही ...

क्या जलवायु परिवर्तन के खतरे को कम करने के लिए केवल सरकार ही ज़िम्मेदार है या जनता की सहभागिता भी इसके लिए ज़रूरी है?

फिर से कायम कर देना
14813 सबमिशन दिखा रहा है
VAGHELA NILESHKUMAR
VAGHELA NILESHKUMAR 11 साल 5 महीने पहले
माननीय PM सर, BIRD-ANIMALS को घर मे पिंजरे मे कैद करके रखने की मनाई होने के बावजुद भी बहुत से घरो मे खरगोश,कचुआ(काचबा), कबुतर,पेरेट(तोता),हंस,जैसे कई BIRD-ANIMALS को पिंजरे मे कैद करके रखा जाता है।ऐसे पिंजरे मे रखे जानेवाले BIRD-ANIMALS को आजाद करवाने के लिए लोग सरकारी अधीकारी ऒ को माहीती दे शके, इसलिए पुरे देश मे हेल्प लाइन नंबर शरू कीजीए।
Kaipa Kodanda Ramaiah
Kaipa Kodanda Ramaiah 11 साल 5 महीने पहले
In my view SwatchhBharat should not be confined to nature's cleanliness but should cover all creatures living happily physically & mentally including all citizen except in natural calamities occur. Nature should be pollution( viz. Air Water Earth) free & secondly citizen should be free from all types of addictions viz.hot drinks, horse races, playing cards, Matka, smoking any type of gambling etc. I request Shri Narendra Modiji to see that these are away from people then they will be happy.
VAGHELA NILESHKUMAR
VAGHELA NILESHKUMAR 11 साल 5 महीने पहले
PM सर, प्रकुति मे BIRD-ANIMALS का बहुत महत्व है। प्राणी संग्रहालय,स्कुल-कोलेज,महाजन पांजरापोळ,प्रवास के स्थान पर जहा भी पेरेट(तोता),कबुतर,खरगोश,काचबा,हंस जेसे BIRD-ANIMALS को लोगो के मनोरंजन के खातीर कैद करके रखा जाता है,सर प्लीज, उन्हे आजाद करने का आदेश दीजिए। जिस से वह BIRD-ANIMALS आजाद होकर प्राकुतिक सौंदर्य बढाये। सर, मे मानता हु की कीसी भी BIRD-ANIMALS को लोगो के मनोरंजन के खातीर कैद मे रखा जाना नही चाहीए। प्लीज सर, प्रकुति के ईन जीव के लिए कुछ कीजीए।
Vidya Deshmukh
Vidya Deshmukh 11 साल 5 महीने पहले
मोदीजी बदलते हवामान का हमारे किसान मुकाबला करे इसलिए उनको बडे बडे नेट शेड के लिए कपडा भी दो,textile co मे भी रोजगार बढेगा one drop more crop ये सपना बी साकार होगा
Vijay Kumar
Vijay Kumar 11 साल 5 महीने पहले
I saw gau mutra is a solution for lots of diseases even for Cancer also...Rajiv Dixit spoke a lot about gau mautra..Why not our Scientist do more R&D on this and take benifits from this gau mutra. Along with this i have suggestion for 'swachh bharat abhiyan' we should run a riksha or Van which will collect all westage from different -2 societies like Vegetable Wastes..baasi roti, Atta etc whatever people want to give after that this Van will go to gau shala there all cows can eat this stuff.
vikash kumar
vikash kumar 11 साल 5 महीने पहले
यदि सभी प्लास्टिक पेपेक उत्पाद पर 1रूपया शुल्क जोड दी जाए तथा उपभोक्ता पूनः उसे 50 पैसे वापस पा सके। इस उपाय से कुछ हद तक राहत मिल सकती है।
vikash kumar
vikash kumar 11 साल 5 महीने पहले
प्लास्टिक कचरा जमीन तथा पर्यावरण दोनों के लिये हानिकारक है।लोगों कि आदत है प्लास्टिक फेकना। यदि प्लास्टिक recycle करना लाभदायक हो जाये तो आदत बदल जाएगी। मेरे पास कुछ सुझाव है जो मैं साझा करना चाहता हूँ।कृपया मुझे मौका दे मुझे reply करके । मेरे सुझाव से ना केवल पर्यावरण बचेगा बल्कि रोरोजगार भी पनपेगा।
Anil Arora
Anil Arora 11 साल 5 महीने पहले
Anil Arora Arenja-Hamara Dharam(name of the fb page ) वन्दे मातरम आज मैं फिर एक ऐसा विषय उठान ेवाला हूँ जो अब तक अछूता है और वह विषय है "अंत्येष्टि" . आज सम्पूर्ण विश्व पर्यावरण की समस्या से जूझ रहा है। जिस शहर में कभी पंखे नहीं दिखाई देते थे वहां आज ए सी और कूलर चल रहे हैं, गर्मी से लोग त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। वैसे तो पर्यावरण की इस दुर्दशा के पहले अपराधी पश्चिम के देश है..... For the rest article check my page on facebook. Vishwaas rakhiye samay vyarth nahin jaayega. Yahan sthan nahin