NAVIN CHANDRA PATHAK
5 साल 4 महीने पहले
परमादरणीय प्रधानमंत्री जी,
यह बात ध्रुवसत्य है कि शिक्षा के बिना मनुष्य का जीवन अधूरा है लेकिन इसकी प्राप्ति के लिए अगर देश के नौनिहाल तनाव महसूस करे तो यह निश्चय ही चिंता की बात है | इस विषय को गंभीरता से लेना आपकी अपने देश के भविष्य के प्रति चिंता को दर्शाता है | यह स्थिति खासकर तब उत्पन्न होती है जब बच्चे को पढ़ाई के दौरान उचित शिक्षा नहीं मिलता है और परीक्षा के दौरान वे फेल होने के भय से तनावग्रस्त हो जाते हैं | अत: विद्यालयों मे अच्छे शिक्षकों की नियुक्ति ही इस समस्या का उचित समाधान है |
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