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पीएमएफबीवाई के तहत आगामी खरीफ सीजन 2022 में IEC ऐक्टिविटीज़ को लागू करने के लिए सुझाव आमंत्रित

Inviting suggestions for implementing the IEC activities in the upcoming Kharif Season 2022 under the PMFBY
आरंभ करने की तिथि :
Apr 27, 2022
अंतिम तिथि :
May 30, 2022
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

हमारा उद्देश्य माइगोव के माध्यम से नागरिकों की भूमिका 'किसान ...

हमारा उद्देश्य माइगोव के माध्यम से नागरिकों की भूमिका 'किसान भागीदारी, प्रथमिकता हमारी' कैम्पेन में सुनिश्चित करना है। हमारे किसान एवं अन्य नागरिकों के सुझावों को मंत्रालय IEC एडवाइजरी कमिटी द्वारा अनुमोदन के बाद भविष्य में किसानों के लिए लागु करेगी।

प्रतिभागी अपने विचारों को एक छोटे से वीडियो या लिखित में साझा कर सकते हैं।

जमा करने की अंतिम तिथि 30 मई 2022 है।

फिर से कायम कर देना
1024 सबमिशन दिखा रहा है
Sujata Ghorpade
Sujata Ghorpade 4 साल 2 महीने पहले
नमस्कार सर,मेरा निवेदन है कि पहले किसान अपनी मानसिकता बदले,आजकल ग्लोबल वार्मिग की वजह से ऋतुचक्र बदल गया है।१०,१५साल पहले ७जून, मृग नक्षत्र में बारिश होती थी,लेकिन आजकल क्लाइमेट चेंज की वजहसे ऐसा अनुभव है कि बारिश लेट शुरु होती हैं,जून,जुलाई में अधिक मात्रामे होती है।तो मेरा सुझाव ये है कि हवामान अंदाज,खेती तज्ञ,अनुभवी लोगोसे सलाह लेकर ही बीज बोए।इससे दुबारा बीज बोना न पड़े। छोटा विचार है,लेकिन मुझे पुरा विश्वास है कि नुकसान टाला जा सकता हैं। मोबाइल पर हवामान अंदाज ऐप है उसका जरूर उपयोग करे,धन्यवाद।
Vinay kumar
Vinay kumar 4 साल 2 महीने पहले
Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana (PMFBY) aims at supporting sustainable production in agriculture sector by way of • Providing financial support to farmers suffering crop loss/damage arising out of unforeseen events • Stabilizing the income of farmers to ensure their continuance in farming • Encouraging farmers to adopt innovative and modern agricultural practices • Ensuring flow of credit to the agriculture sector which will contribute to food security, crop diversification and enhancing growth and competitiveness of agriculture sector besides protecting farmers from production risks.
Kushal Bera
Kushal Bera 4 साल 2 महीने पहले
यह योजना किसानों के हितार्थ है यदि इसमे कुछ संशोधन किए जाए तो यह अधिक प्रभावी हो सकती है| जैसे :- 1. किसानों को उनकी पॉलिसी के कागज नहीं मिल पाते है अतः उनकी पॉलिसी को https://pmfby.gov.in/ पर अपलोड कर दी जाए | 2. दावा दर्ज करने के बाद वे देख सके कि उनकी फसल का जितना नुकसान हुआ है उसके अनुसार उस नुकसान को सर्वे में दिखाया गया है या नहीं क्योंकि सर्वे करने आते है वो कंपनी को बराबर सूचना नहीं देते है जिससे किसानों को वाजिब क्लैम नहीं मिल पता है जिससे वह दुबारा बीमा नहीं करवाता है | 3. सर्वे मे बहुत अधिक अनियमिताएं पाई जाती है इससे संबधित कोई ठोस कदम लिया जाए क्योंकि दो पड़ोसी किसान जिसके एक समान नुकसान हुआ है फिर भी एक को क्लैम की राशि एक लाख तक मिलती है जबकि दूसरे को 5-6 हजार ही मिल पाते है एस क्यों ? 4. क्लैम दर्ज करवाने के बाद ट्रैकिंग हो सके जिससे किसान उसका स्टैटस देख सके| 5. यदि किसान को उसके नुकसान के अनुसार क्लैम नहीं मिल पता है या बिल्कुल भी नहीं मिलता हैतो उसकी शिकायत हेतु online पोर्टल बनाया जाए| PMFBY के लिये धन्यवाद कुशल बेड़ा ग्राम माणकियावास (नागौर) राज 341510