manish goel
11 साल 4 महीने पहले
नमस्ते जी
"वेदोअखिलोधर्ममूलम्"
जब पुरे संसार में गणित एक है विज्ञानं एक है तो आध्यत्म में इतनी भ्रांतियां क्यों
सभी मनुष्यों जन्म से एक समान होते हैं एवम् शारीरिक संरचना सब की एक समान होने से यह सिद्ध होता है की सबको बनाने वाला भी एक ही है इस विषय पर भ्रान्ति खत्म होने से विश्व में शांति और सर्वांगीण विकास की स्थापना संभव है। अन्यथा नहीं।
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