rahul kumar
5 साल 3 सप्ताह पहले
मैं आदरणीय प्रधानमंत्री जी से आग्रह करूँगा की कल के स्पीच में अपने सभ्यता और संस्कृति के बारे में ज़रूर बात करें। अगर भारतवर्ष के सारे माता पिता अपने बच्चों को अपने विरासत अपने सभ्यता और वीरो की गाथाएं कहानी के माध्यम से सुनाएं जो पुराने ज़माने में दादी नानी हमें सुनती थी/ ये परंपरा सम्पत होने लगी है सरे बचें मॉडर्न वेस्टर्न कल्चर को फॉलो कर रहे हैं, जिससे वो अपने अपने इतिहास और पूर्वजो से दूर होते जा रहें है। भारत के हरेक गावों और कस्बो की अपनी एक अलग कहानी है एक पहचान ह। वो खो न जाय। गाओं
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