Santosh Kumar Mahatto
5 साल 3 सप्ताह पहले
स्वतंत्रता के ७५ वर्षगांठ की पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं| मैं बहुमूल्य विषय पर विचार साझा करना चाहता हूं :- अंग्रेज देश को छोड़ कर चले गए पर अपनी वर्चस्व स्थापित कर गए | वर्तमान तक अंग्रेजी भाषा अपना वर्चस्व फैलाया हुआ है | हमारे राजनीति नेता ने देश में बहुत भुल कर चुके हैं,जैसे संविधान में हिंदी के साथ अंग्रेजी को भी सहयोगी राजभाषा का दर्जा प्राप्त हैं | अतः प्रधानमंत्री से विनम्र निवेदन है कि जल्द से जल्द हिंदी को राष्ट्रभाषा प्राप्त हो |हिन्दी आज बेहतर गुणवत्ता
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