SANKATHA PRASAD VISHWAKARMA CS ICHAULI BACHHRAWAN RAEBARELI
5 साल 1 महीना पहले
हमें देश की अखंडता एवं प्रभुता हर कीमत पर बनाये रखना चाहिए।देश प्रेम ही सबसे बड़ा प्रेम है।
पंक्ति:-
“जिसको न निज गौरव तथा निज देश का अभिमान है वह नर नहीं, नर पशु निरा है, और मृतक समान है”
*जय हिंद, जय भारत!*
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