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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 28 जनवरी 2024 के मन की बात के लिए आपके विचार/सुझाव आमंत्रित

Inviting ideas for Mann Ki Baat by Prime Minister Narendra Modi on 28th January 2024
आरंभ करने की तिथि :
Jan 04, 2024
अंतिम तिथि :
Jan 26, 2024
18:15 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी आपके साथ कुछ महत्वपूर्ण ...

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी आपके साथ कुछ महत्वपूर्ण विषयों और समस्याओं पर अपने विचार साझा करना चाहते हैं। प्रधानमंत्री जी के 'मन की बात' के 109वें एपिसोड के लिए उन विषयों पर अपने विचार साझा करें जिन्हें आप महत्वपूर्ण समझते हैं।

आप मन की बात के आने वाले एपिसोड में जिन विषयों या समस्याओं के बारे में प्रधानमंत्री जी से बात करना चाहते हैं, उनके बारे में हमें अपने सुझाव भेजें। इस खुले मंच में अपने विचार साझा करें या आप वैकल्पिक रूप से टोल-फ्री नंबर 1800-11-7800 पर कॉल कर सकते हैं और प्रधानमंत्री जी के लिए अपने संदेश को हिंदी या अंग्रेजी किसी भी भाषा में रिकॉर्ड कर सकते हैं। रिकॉर्ड किए गए कुछ संदेश ब्रॉडकास्ट का हिस्सा बन सकते हैं।

आप 1922 पर मिस्ड कॉल भी कर सकते हैं और SMS में मिले लिंक को फॉलो करते हुए सीधे प्रधानमंत्री को अपने सुझाव भेज सकते हैं।

और 28 जनवरी 2024 को सुबह 11:00 बजे मन की बात के लिए हमसे जुड़े रहें

फिर से कायम कर देना
6101 सबमिशन दिखा रहा है
Rajiv Modi
Rajiv Modi 2 साल 5 महीने पहले
माननीय प्रधानमंत्री जी, सादर प्रणाम! एक और दिव्य एवं अद्भुत अनुभव साझा कर रहा हूं। जून माह २०२० कोविड महामारी की प्रथम लहर के दौरान हताश-निराश माहौल में हम दोनों चिकित्सक पति-पत्नी किसी नौकरी में नहीं होने के कारण घर पर ही रहते थे। परिवार के अनिश्चित भविष्य के बारे में सोच-सोच कर पत्नी बहुत चिंतित रहने लगीं। मैं घरेलू कामकाज करते हुए भजन सुना करता था। एक दिन भजन "भए प्रगट कृपाला दीन दयाला कौशल्या हितकारी" सुनते हुए मेरी साढ़े पांच साल आयु की छोटी पुत्री ने पूछा कि कौशल्या कौन है? मैंने बताया कि भगवान राम की माताजी। कुछ दिन बाद वही भजन सुनते हुए मैंने अपनी पुत्री से पूछा कि कौशल्या कौन हैं? तो उसने कहा कि "राम भैया की मम्मी" इतनी छोटी आयु में मेरे इष्टदेव प्रभु श्रीराम के लिए अपनी पुत्री के मुख से अकस्मात 'भैया' संबोधन सुनकर मेरा तन-मन बहुत ही आनंदित एवं रोमांचित हो उठा। तभी से मैं महसूस करता हूं कि मेरे मनमंदिर रूपी हृदय में मेरे इष्टदेव प्रभु श्रीराम पुत्र रूप में विराजमान हैं! "जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी"
Soumya Ghosh
Soumya Ghosh 2 साल 5 महीने पहले
In digital India scheme, yes we are more connected with internet, things become easier than 10 yrs back we struggle, but the negative impact is also very much prominent that you also agree with me. The use of Facebook & Youtube increased a lot, and people are using it for earning quick money by making/promoting cheap reels, videos, even obscene contents which go viral very quickly. This is simply destroying a generation. I think content upload should go for scanner, use also be limited and quick earning should be stopped. It is actually paralysing our hard-working mindset and skill sets slowly. Being father figure of the nation and guide, whether you are thinking it as a real concern and if so, how you are taking it on?