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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 31 दिसंबर 2023 के मन की बात के लिए आपके विचार/सुझाव आमंत्रित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 31 दिसंबर 2023 के मन की बात के लिए आपके विचार/सुझाव आमंत्रित
आरंभ करने की तिथि :
Dec 04, 2023
अंतिम तिथि :
Dec 29, 2023
18:15 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी आपके साथ कुछ महत्वपूर्ण ...

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी आपके साथ कुछ महत्वपूर्ण विषयों और समस्याओं पर अपने विचार साझा करना चाहते हैं। प्रधानमंत्री जी के 'मन की बात' के 108वें एपिसोड के लिए उन विषयों पर अपने विचार साझा करें जिन्हें आप महत्वपूर्ण समझते हैं।

आप मन की बात के आने वाले एपिसोड में जिन विषयों या समस्याओं के बारे में प्रधानमंत्री जी से बात करना चाहते हैं, उनके बारे में हमें अपने सुझाव भेजें। इस खुले मंच में अपने विचार साझा करें या आप वैकल्पिक रूप से टोल-फ्री नंबर 1800-11-7800 पर कॉल कर सकते हैं और प्रधानमंत्री जी के लिए अपने संदेश को हिंदी या अंग्रेजी किसी भी भाषा में रिकॉर्ड कर सकते हैं। रिकॉर्ड किए गए कुछ संदेश ब्रॉडकास्ट का हिस्सा बन सकते हैं।

आप 1922 पर मिस्ड कॉल भी कर सकते हैं और SMS में मिले लिंक को फॉलो करते हुए सीधे प्रधानमंत्री को अपने सुझाव भेज सकते हैं।

और 31 दिसंबर 2023 को सुबह 11:00 बजे मन की बात के लिए हमसे जुड़े रहें

फिर से कायम कर देना
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MahiRawat
MahiRawat 2 साल 6 महीने पहले
Aadarniy Shri Narendra Modi ji main Mahi Rawat aapse ek question karna chahti hun ham jis vidyalay mein padhte hain use vidyalay mein hamen sari Sukh suvidhaen milati hai free mein khana muft mein copy kitaben sab milta hai vah sab aap dete Hain hamen UN sab chijon per hamara hak hota hai lekin kya aapko pata hai ki vo sari Sukh suvidhaen hamen milati hai vo hamen Diya jata hai yahi question hai mera apse kya apko is baat ki jankari hai ki jis chij per hamara hak hai vo hamen milta hai han ya na
OMPRAKASH MISHRA
OMPRAKASH MISHRA 2 साल 6 महीने पहले
'SUB: SHRI MODI IS REQUIRED SINCE FROM 2024 ONWARDS, BHARAT MAY LIKE TO PROMOTE BALANCING OF HUMANITY'S RIGHTS & DUTIES AS PATRICIAN LEADER, WITHOUT CLAIMING SUPREMACY SIR, BHARAT MAY NOT LIKE TO WIN SUPREMACY OVER US OR CHINA. BHARAT MAY LIKE TO BE SUCCESSFUL FOR CHANGING HUMANITY'S ATTITUDE CONSTITUTIONALLY. FROM " TO GET SERVED BY ALL LIVINGS " TO " TO SERVE ALL LIVING" BILATERALLY. ALL POLITICAL CONSTITUTIONS, PROMOTE HUMAN RIGHTS ( EGO, HYPOCRISY & SELFISHNESS) WHEREAS ALL RELIGIOUS CONSTITUTIONS PROMOTE HUMAN DUTIES ( FREE FROM EGO, HYPOCRISY & SELFISHNESS). BOTH NEED TO BE INTEGRATED TO MINIMISE PRODUCTION OF CO2 AND MAXIMISING PRODUCTION OF O2 FOR SUSTAINABILITY OF HUMANITY & IT'S NATURE, BY PATRICIANS LEADERS. BHARAT SHALL ALSO TRY TO TRANSFORM ALL POLITICAL LEADERS OF WORLD TO PATRICIANS LEADERS. SHRI MODI IS NATURE'S REQUIREMENT TO ESTABLISH WORLD'S PEACE, FOR SUSTAINABILITY OF HUMANIY & NATURE BOTH. AS PERCEIVED THANKS & REGARDS '
shekhar agarwal
shekhar agarwal 2 साल 6 महीने पहले
आदरणीय प्रधानमंत्री जी, प्रथम बार हुआ कि भारत देश के अलावा आपको अन्य देशों में भी पसंद किया जा रहा है और आपकी बात को सुनने के साथ उसको करने में लोग जुट जाते हैं। बस इसीलिए मेरा एक छोटा सा सुझाव है कि आप वह देश की जनता से अनुरोध करें। मेरा सुझाव है कि बहुत से किसान गायों का दूध ना देने पर उन्हें सड़को पर भटकने के लिए छोड़ देते हैं। जिसके बाद गाय कई दिनों तक ऐसे ही भूखी घूमती रहती हैं। नगर या शहरों में गाय की स्थिति निराशाजनक होती जा रही है। मेरा बस यही अनुरोध है कि आप व्यापारियों से इतना कह दें कि प्रत्येक दुकानदार अपनी दुकान के बाहर एक टोकरी रख दे जिसमें गायों के खाने की चीजें रख दे, जिससे कोई भी गाय या उसका बछड़ा भूखा ना रहे।
Jitendra Kumar
Jitendra Kumar 2 साल 6 महीने पहले
आदरणीय प्रधानमंत्री महोदय सादर प्रणाम। सरकारी अस्पताल में अमीर हो या गरीब उसका इलाज 1 rs के पर्ची पर हो जाता है उसी प्रकार आयुष्मान योजना को भी बनाया जाए और गंभीर बीमारी से ग्रसित मरीजों का इलाज आयुष्मान योजना से जुड़े सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में मुफ्त में किया जाए चाहें वह अमीर हो या गरीब। बीमारी अमीरी और गरीबी देख कर नहीं आती इसलिए इस योजना में अमीरी और गरीबी न देखा जाए और सभी के लिए इस योजना को चलाया जाए। धन्यवाद।
RanbirPal
RanbirPal 2 साल 6 महीने पहले
India's pride of survival hidden within India. But these Indian human actions are hidden in a strange principle, self-interest and from this interest is born unjust judgment towards each other. Different states of India have important transport services between different districts and where this communication facility is provided for the movement of large number of people. How safe those places are today, the higher officials have no responsibility. These things are worth noting. Various facilities are built in this place, but once in a while those things are no longer seen. And as a result of not paying attention to these eyes, many people are in danger. As a result, it is a very sad event for the public. These places should be visited once in two months by every officer.
PavarVijaybhaiLachhiyabhai
PavarVijaybhaiLachhiyabhai 2 साल 6 महीने पहले
आदरणीय प्रधानमंत्री जी को मेरा सादर नमस्कार मेरा आपसे निवेदने कृपया कर आपकी सरकार द्वारा जो भी काम हो रहे है चाहे वो केन्द्र सरकार या राज्य सरकार के द्वारा हो रहे हे उनमे गणवत्ता की वहुत कमी है इतना पैसा सरकार के द्वारा लगाया जाता है चाहे वो सडक या गावों मे बन रहे तालाब हो इनमे सुपरवीजन की कमी हे कोई भी विधायक या सांसद ज्यादातर शादीयो या किसी के मरने पर तेरहवी मे आता हे अपनी हाजिरी लगाने लेकिन इतना ध्यान ये अपने द्वारा किये जा रहे कामो पर नही दे रहे है इसलिए पैसै भी लग रहे हे लेकिन गुणवत्ता ठेके दारो द्वारा नही दी जा रही है और नही विभाग का ईँजीनियर चेक करने के लिए मौके पर आता है यह जनता भोली हे आपने मेहनत करके ये मुकाम पाया है और जनता के दिलो मे जगह बनाई है ओर इसमे कोई दो राय नही की आप ही के दम पर ये विधायकव सांसद जीते हे लेकिन आगे अगर आपको नुकसान हुआ तो नेता ही जिम्मेदार होगे इसलिए मेराी आपको एक सलाह हे गाव गाव एक कमेटी बनाई जाएय जो डायरेक्ट पीएमओ को रिपोर्ट करे. जिससे काम सही व ठीक तरह से हो. धनय्वाद