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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण के लिए विचार और सुझाव आमंत्रित

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण के लिए विचार और सुझाव आमंत्रित
आरंभ करने की तिथि :
Jul 15, 2022
अंतिम तिथि :
Jul 31, 2022
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

भारत अपनी स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने पर आजादी का अमृत महोत्सव मना ...

भारत अपनी स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने पर आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, जिस वजह से इस वर्ष लाल किले से माननीय प्रधानमंत्री का भाषण महत्वपूर्ण होगा।

इस महत्वपूर्ण अवसर का हिस्सा बनने के लिए, अपने सुझाव/विचार हमारे साथ साझा करें।

भेजे गए सुझाव/विचारों में से कुछ बेहतरीन विचारों को प्रधानमंत्री 75वें स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में भी शामिल कर सकते है।

विचारों और सुझावों को भेजने की अंतिम तिथि: 31 जुलाई 2022

फिर से कायम कर देना
2197 सबमिशन दिखा रहा है
ShalenderSingh
ShalenderSingh 4 साल 1 महीना पहले
Respected Sir, Few days back, I came to know that India has the largest number of blind population in the world. As per information through internet, it was something near about 2 crore of people who are totally blind. If one dead person eyes can go to 2 blind persons, it means eyes of 1 crore dead persons are required to eradicate full blindness from India. Taking in reference of accidental or illness or untimely deaths of our country, this number of 1 crore is very small which implies that within a year or two, we can give life to many blind eyes if all 1 crore dying persons donate their eyes. However due to little or no education/initiative/help program, this has not happened so far even after 75 years of independence. No doubt there are far more things which have been incomplete, however sometime we just fail to thank God that we are blessed with the precious gift called eyes but some are not so fortunate. Part 2 to continue
Unnadbhai Mobh
Unnadbhai Mobh 4 साल 1 महीना पहले
આખાયે ભારતમાં દારુ બંધી લાગુ કરવામાં આવે તો લઠ્ઠાકાંડ, ગરીબી, પછાત પણુ દૂર થાય અને તે પૈસા થકી શિક્ષણ મા વપરાય તો દેશ પ્રગતિશીલ બને એવી મારી અરજ છે નિવૃત્ત શિક્ષક
Dinesh Saxena
Dinesh Saxena 4 साल 1 महीना पहले
माननीय प्रधानमंत्रीजी देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, इसमे अमृत है हमारा संविधान जिसे आजादी की लडाई में से निकले नेताओ के नेतृत्व मे तैयार किया गया और 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया | यही संविधान है जिसमे 105 संशोधन किये गये है जो वर्तमान में लागू है। जितने भी संशोधन किये गये है वो जनता के द्वारा चुने गये प्रतिनिधियो के द्वारा किये गये है। माननीय प्रधानमंत्री जी आपको वर्तमान और वर्ष 1950 मे लागू किये गये संविधान में जो अंतर है उसे अपने भाषण में शामिल करना चाहिये जिससे आजादी की लडाई में से निकले नेताओ के नेतृत्व मे तैयार किये गये संविधान और जनता के द्वारा चुने गये प्रतिनिधियो के द्वारा किये गये संशोधन वाले संविधान में सोच का जो अंतर है वो मालूम हो।
Manoj kanti das
Manoj kanti das 4 साल 1 महीना पहले
माननीय प्रधानमंत्री जी मेरा सादर प्रणाम🙏, इस बार आजादी की अमृत महोत्सव पर स्वतंत्रता दिवस का तिरंगा झंडा उठाई जाएगा वह बहुत ही महत्वपूर्ण है, अमृत महोत्सव का बहुत ही महत्वपूर्ण भाषण मैं वह जरूर उठना चाहिए जनसंख्या नियंत्रण कैसे किया जाए, कोई बिल कैसे लाया जाए, नियंत्रण नहीं होने से कोई भी विकास काम नहीं आएगा, भारतवर्ष में बहुत ही पहले यह होना चाहिए था! बहुत जल्द इसे लागू करने का आवश्यक है, जीएसटी पेट्रोल और डीजल में लागू करना आवश्यक है !फिर से बहुत आभार व्यक्त करते हुए बहुत-बहुत धन्यवाद🙏🙏
J L Dasa
J L Dasa 4 साल 1 महीना पहले
Hon PM, India Sir, આપણા રાજકીય હોદ્દાઓ જેવા કે રાષ્ટ્રપતિ, સભાપતિ, વગેરે વગેરે વગેરે માં પુરુષ જાતિ સૂચવાય છે. મહામહિમ નવા રાષ્ટ્રપતિ મહોદયા અપમાન ઘટના બની છે. સબબ, હોદ્દા નાં નામ સુધારવામાં આવે તો જાતિ સૂચવાય છે તે સમસ્યા દૂર થાય. રાષ્ટ્રપ્રમુખ,સભા પ્રમુખ વગેરે વગેરે રાખવા સૂચન છે. 🙏 જીવાભાઈ દાસા નિવૃત્ત શિક્ષણ સેવા વર્ગ ૧