Akanksha Tiwari
4 साल 1 महीना पहले
श्री माननीय पुरूषोत्तम
श्रीमान प्रधानमंत्री जी
एक प्रार्थना,
अपने वेदों में पढ़ा या सुना ही होगा। सतयुग में महाराजा हरिश्चंद्र जी ने अपने मालिक के आदेश पर अपने पुत्र का सुरक्षा आवरण घसीट लिया था।
यही कार्य श्री माननीय प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी जी ने कलयुग में किया जो न्याय संगत नहीं था उन्होंने राज कर्मचारियों जो देश की रीढ है तथा अध्यापकों जो देश के सतमार्ग पर चलने की शिक्षा देते हैं उनके ऊपर से सन 2005 मैं वही पेंशन रोटी सुरक्षा आवरण बस इतने का कार्य किया आप सोचिए क्या इतने धन की बचत से देश सोने की चिड़िया बन गया।
आज आप अपने कर कमलों से प्रतिदिन देश को तथा विदेशों में अर्बुदा में होते हैं जिसमें सभी आप का गुणगान करती तथा आशीर्वाद देते हैं कि आप हमारे अगले जन्म में भी राजा हो।
आप अक्सर कहा करते हैं कि वसुधैव कुटुंबकम अतः आपसे मेरी प्रार्थना है कि कि उनको पुरानी पेंशन होती सुरक्षा आवरण देखकर श्रीमान में प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी जी का कलंक मिटाने की कृपा करें।
निवेदक भारत माता का एक पुत्र
विशमभर दयाल तिवारी
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