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बाल स्वास्थ्य पर फोकस

आरंभ करने की तिथि :
Jan 22, 2015
अंतिम तिथि :
Nov 01, 2015
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
बाल स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता में सुधार की आवश्याता है। स्वास्थ्य ...
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Sonia Bhatt
11 साल 3 महीने पहले
The amount of the money per student in midday meal should be increased so that the health of the student could better.
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HIMANSHU SAXENA_2
11 साल 3 महीने पहले
MID DAY MEAL WHICH ARE PROVIDED BY THE GOVERNMENT TO THE CHILDREN, IT SHOULD BE STOP. IF GOVERNMENT WANT TO PROVIDE IT THEN IT IS PROVIDED BY NGO.
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RAMESH P K
11 साल 3 महीने पहले
Check BMI of the students for every year. Give awareness to parents the position of child health.
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Suraj Chhabra
11 साल 3 महीने पहले
english medium se shikhsha grahan kar rahae bachho ko schol k baad khel kood wale time me coaching jaane k karan wo khel kood se wanchit rah jate h, isse we future m gambheer bimariyo k shikaar ban sakte h, yah stithi badalni chahiye.
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JEENA AJI_1
11 साल 3 महीने पहले
To give equal and nutritious food to all pupils it is better to arrange and prepare food in our own schools. so the government should make any scheme to give coordinate health habit in students.
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Ramanuj kumar
11 साल 3 महीने पहले
CHILD HEALTH CARE IN COMMON SCHOOL
123456.pdf
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MADHAVA REDDY
11 साल 3 महीने पहले
already the govt has started the JABAR (Jawahar Bala Aarogya Raksha), but it is not being properly implemented, strengthening the programme is needed
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Abid Alam Khan
11 साल 3 महीने पहले
आसन प्राणायाम शारीरिक श्रम खेलकूद शुद्ध वातावरण में रहन सहन शुद्ध सात्विक खान पान ऐसे माहौल में बच्चो का स्वास्थ्य बहुत अच्छा रहेगा |
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rajan dogra
11 साल 3 महीने पहले
1st priority. Think as a whole & not isolated from.....Parents,Economic conditions & according to the needs of Society in which child lives,Delicate/Strong nature of society------Child born to weaker section is stronger than from so called high society parents.....and mostly non cesarean.So just talking about malnutrition etc. creates panic. So consider relevance of medicine or diet according to child's social setup. Remove as much medicine as possible as its excess is itself a pollution.
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VIKRAM SINGH_10
11 साल 3 महीने पहले
yoga and meditation education should be compulsory. that is the root knowledge of Indian culture.
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