Amit Kushwaha
11 साल 7 महीने पहले
उपराष्ट्रपति का पद कोई धार्मिक पद तो नहीं है ? अगर नहीं है तो फिर उपराष्ट्रपति जी ने तिरंगे को सलामी क्यों नही दी ? उपराष्ट्रपति मियां हामिद अंसारी के सलामी के बीच कहीं वो दावती किताब तो आड़े नहीं आ गयी जिसे सल्लाह अलैहि वसल्लम ने अल्लाह के हुक्म पर इस जमीन पर उतारा था ? चूंकि उस किताब के मुताबिक़ अल्लाह के अलावा आप न तो किसी और का वंदन कर सकते हैं और ना ही किसी और किताब का हुक्म अथवा निर्देश मान सकते हैं। अब हामिद अंसारी से यह पूछा जाना चाहिए कि आपका समर्पण भारत के तिरंगे और संविधान के प्रति है अथवा कुरआन के प्रति है ? अगर कुरआन के प्रति ज्यादा है तो तत्काल ही इन मियां हामिद अंसारी को इनके पद से बर्खास्त करने के बारे में सोचा जाना चाहिए। अगर भूल वश ये हुआ है, तो इन्हें माफ़ भी किया जा सकता है। मै जानता
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