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राष्ट्रीय युवा नीति के मसौदे पर सुझाव आमंत्रित

Inviting Suggestions for the Draft National Youth Policy
आरंभ करने की तिथि :
Jun 08, 2022
अंतिम तिथि :
Jul 15, 2022
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

सरकार ने मौजूदा राष्ट्रीय युवा नीति, 2014 के मसौदे की समीक्षा करते हुए ...

सरकार ने मौजूदा राष्ट्रीय युवा नीति, 2014 के मसौदे की समीक्षा करते हुए एक नया राष्ट्रीय युवा नीति (एनवाईपी) मसौदा तैयार किया है। राष्ट्रीय युवा नीति के मसौदे में युवा विकास के लिए दस साल तक के विजन की परिकल्पना की गई है जिसे भारत 2030 तक हासिल करेगा। यह सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के साथ जुड़ा हुआ है जिसका उद्देश्य 'भारत को आगे बढ़ाने के लिए युवाओं की क्षमता का पूरी तरह से इस्तेमाल करना' है। एनवाईपी के नए मसौदे का लक्ष्य युवाओं के विकास के लिए पांच प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर काम करना है जिनमे शिक्षा; रोजगार और उद्यमिता: युवा नेतृत्व और विकास; स्वास्थ्य, फिटनेस और खेल; एवं सामाजिक न्याय शामिल है। प्रत्येक प्राथमिकता वाले क्षेत्र में वंचित वर्ग के हितों का ध्यान रखते हुए सामाजिक समावेशन के सिद्धांत पर आधारित किया गया है।

युवा मामले विभाग सभी हितधारकों से एनवाईपी के मसौदे पर विचार/सुझाव आमंत्रित करता है।

नीति दस्तावेज़ देखें: ड्राफ्ट राष्ट्रीय युवा नीति (PDF 150 MB)

विचार और सुझाव साझा करने की अंतिम तिथि 15 जुलाई, 2022 है।

फिर से कायम कर देना
1180 सबमिशन दिखा रहा है
Huda bari
Huda bari 4 साल 4 महीने पहले
Dear Prime Minister Sir I am Fatima Huda. I was born in Malappuram district of Kerala. Sir I see your man ki bath program its a good program. Sir, there is a project called k rail in Kerala at present. What is the significance of the k rail at this time when the poor do not have a home or the children of the lower castes get a good education? sir you should intervene and make a good decision talk to our cm Mr. Pinarayi Vijayan. Good plans like k rail are needed, however,Important things need to be prioritized.India is a country with good laws for women. But, sir, all those rules are not being followed. I hope Sir will accept my request. I wish Sir to continue to rule for India in a good way. With love fathimma huda kalpakanchery malappuram (po): 676551 kerala
mtaf
mtaf 4 साल 4 महीने पहले
विद्यालय व जेल जैसे जैसे पाठशालाओं की संख्या बढ़ रही है वैसे वैसे जेलखानों की संख्या भी बढ़ रही है। यानि शिक्षा व अपराधों में सीधा संबंध है। देश विभाजन में शिक्षित लोगों ने खतरनाक भूमिका निभाई जैसे-- जवाहरलाल नेहरू।
rahul kumar katyan
rahul kumar katyan 4 साल 4 महीने पहले
देश में यदि कोई गार्जियन या बच्चा खेलना नहीं चाहता है तो इसके पीछे एक सबसे बड़ी वजह रोजगार की मानसिकता है| यदि हम नेशनल इंटरनेशनल स्तर के खिलाड़ियों सहित रिटायर्ड अग्निवीरों को यदि फिजिकल टीचर के रूप में प्राइवेट और गवर्मेंट सरकारी स्कूलों में उनकी नियुक्ति करने लगे तो लोगों में जॉब सिक्योरिटी की भावना बन पाएगी और लोग खेल की तरफ झुकेंगे| वर्तमान समय में फिजिकल एजुकेशन की डिग्री लेकर नौकरी कर रहे शिक्षकों में प्रैक्टिकल एजुकेशन की कमी के साथ-साथ टेक्निकली भी कमजोरी है जिसे पाटने के लिए ट्रेंड प्रोफेशनल को स्पोर्ट्स सेक्टर में लाना बहुत जरूरी है| साथ ही स्पोर्ट्स को एक कंपलसरी सब्जेक्ट के रूप में घोषित कर देना चाहिए हर विद्यार्थी किसी न किसी प्रकार के स्पोर्ट्स एक्टिविटी में भाग ले और इनका मूल्यांकन इनके पार्टिसिपेशन के आधार पर किया जाना चाहिए और इसको किसी भी कैरियर क्षेत्र में वैल्यू दिया जाना चाहिए जोकि ग्रुप में काम करने की एबिलिटी का भी परिचायक हो सकता है|
rahul kumar katyan
rahul kumar katyan 4 साल 4 महीने पहले
देश में यदि कोई गार्जियन या बच्चा खेलना नहीं चाहता है तो इसके पीछे एक सबसे बड़ी वजह रोजगार की मानसिकता है| यदि हम नेशनल इंटरनेशनल स्तर के खिलाड़ियों सहित रिटायर्ड अग्निवीरों को यदि फिजिकल टीचर के रूप में प्राइवेट और गवर्मेंट सरकारी स्कूलों में उनकी नियुक्ति करने लगे तो लोगों में जॉब सिक्योरिटी की भावना बन पाएगी और लोग खेल की तरफ झुकेंगे| वर्तमान समय में फिजिकल एजुकेशन की डिग्री लेकर नौकरी कर रहे शिक्षकों में प्रैक्टिकल एजुकेशन की कमी के साथ-साथ टेक्निकली भी कमजोरी है जिसे पाटने के लिए ट्रेंड प्रोफेशनल को स्पोर्ट्स सेक्टर में लाना बहुत जरूरी है
Pavnendra Singh Bhadoria
Pavnendra Singh Bhadoria 4 साल 4 महीने पहले
अग्निवीर की अग्नि से होकर सभी को गुजारा जाना चाहिए तभी सभी देश भक्ति को समझ पाएगा चाहे वह IAS हो या फिर राजनेता या शासकीय कर्मचारी सैनिक सरहद पर जन तक दे रहा है भी समाज में अनुशासनहीन लोग रिश्वतखोरी करने में लगे हुए ही क्या इन्हे देश भक्ति पैदा करने के लिए अग्निबीर जेसी परीक्षा से नही गुजरना चाहिए। यह अग्नीवीर भी एक चयन परीक्षा से ही बनेगा फिर 4 साल सेना में काम करने के बाद फिर एक बार चयन परीक्षा से गुजरना पड़ेगा। आप सोच सकते ही बेरोजगारी की पीड़ा हतोत्साहित हो कर रह से भटकने का डर होगा।
Pavnendra Singh Bhadoria
Pavnendra Singh Bhadoria 4 साल 4 महीने पहले
अग्निवीर 4 साल के बाद 25% को ही आगे मौके दिए जाने के साथ ही यदि योग्य समर्पित युवा सैनिक 75%में है तो उन्हें सीधे ही पेरा मिलिट्री सेवा में प्रवेश का मोका दिया जाना चाहिए जिस प्रकार कैंपस सिलेक्शन होता हे उसी तरह। आर्मी से ही सीधे पेरा मिलिट्री सर्विसेज में और पुलिस सर्विसेज में। इस प्रकार योग्य ट्रेंड सिपाही प्रदेश पुलिस को और पैरामिलेट्री फोर्सेज को मिल सकेंगे बाद में वे अपनी आवश्यकता अनुसार ट्रेनिंग दे कर पोलिस कर सकते हैं।
Pavnendra Singh Bhadoria
Pavnendra Singh Bhadoria 4 साल 4 महीने पहले
अग्निवीर एक अच्छी स्कीम हे परंतु इसे स्कूल शिक्षा के बाद सभी के लिए मिलिट्री ट्रेनिंग अनिवार्य कर देना चाहिए तभी इसका सही परिणाम सामने आएंगे।आज अनुशासन की समस्या आ रही है यह सभी के साथ अकरूपता आ जायेगी बलशाली, अनुशासित,कुशल एवम योग्य एवम आवश्यकता पड़ने पर सैनिक उपलब्ध होगा। जो आर्मी ज्वाइन करना चाहते ही उन्हें उन 4 साल सर्विस के दौरान चयन किया जा सकता है एक योग्य जुहारी समर्पित युवा आर्मी को मिल सकेगा।