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वेक्टर जनित रोगों का निवारण और नियन्त्रण

Prevention and control of vector borne diseases
आरंभ करने की तिथि :
Feb 19, 2015
अंतिम तिथि :
Mar 19, 2015
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

कई वेक्टर जनित रोग आर्थोपोड्स (मच्छर, टिक्स, कण आदि) के द्वारा संचरित ...

कई वेक्टर जनित रोग आर्थोपोड्स (मच्छर, टिक्स, कण आदि) के द्वारा संचरित होते हैं तथा भारत में मलेरिया, डेंगी, चिकनगुनिया, फाइलेरियारोग और कालाजार के नाम से व्याप्त हैं। ये रोग जन स्वास्थ्य के लिए गम्भीर समस्या बन गए हैं। इन रोगों के निवारण और नियन्त्रण हेतु राष्ट्रीय कार्यक्रमों को सामाजिक स्तर सहित सभी स्तरों पर लागू किया गया है और आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। इस मंच के माध्यम से स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद द्वारा इन वेक्टर जनित रोगों के बेहतर निवारण, नियंत्रण और उपचार के लिए नीतियों में सुधार किए जाने के लिए अनुसंधान के माध्यम से परीक्षण किए जाने के लिए सुझाव, विचार, सर्वोत्तम तरीके नवीनकारी विचार आमंत्रित किए जाते हैं।

आप अपनी टिप्पणियां 18 मार्च 2015 तक भेज सकते हैं।

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JIWAN KUMAR
JIWAN KUMAR 11 साल 5 महीने पहले
पतरातू स्टेट बैंक - इस बैंक में कुल ग्राहक लगभग 50 हज़ार है. आप कभी भी बैंक में जायेंगे तो आपको केवल दो से तीन काउंटर ही खुले मिलेंगे. लोग घंटों लाइन में खड़े रहते है. कोई दूसरा बैंक नहीं होने के कारण ये बहुत बड़ी परेशानी है. दूसरा बैंक के लिए जब भी बात होती है तो उसे स्टेट बैंक के अधिकारी अपनी पहुँच से किसी दुसरे बैंक को आने से रोकती है. दुसरे बैंक के आने से व्यवसाय पर असर होगा इसलिए स्टेट बैंक किसी दुसरे बैंक को आने नहीं देती. कुछ कीजिये ताकि लोगों को सुविधा मिले परेशानी नहीं.
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