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समर्थनकारी समावेशी शिक्षा – बालिकाओं, अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अल्पासंख्यकों और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा

आरंभ करने की तिथि :
Jan 22, 2015
अंतिम तिथि :
Nov 01, 2015
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
सामाजिक पहुंच और साम्यता का मामला काफी जटिल है। हालांकि, लाभवंचित ...
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SSMSD SRSEC SCHOOL D ED CENTER UCHANA KALAN
11 साल 2 महीने पहले
Required to provide same education to all students
Ritu Bala Roll No 97 D.Ed. 2nd year
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Soumya Kanti Ghosh
11 साल 2 महीने पहले
विद्या का क्षेत्र सदा ही नीच-ऊँच, गरीब-अमीर, लिंग-जाति-वर्ग- सम्प्रदाय आदि भेद मूलक दूषित विधान से सर्वथा रहित और ऊपर सद्भाव, सद्विचार, सद्व्यवहार और सत्कार्यरूप विधानों से
युक्त होना चाहिये ।"
"वेद, उपनिषद्, रामायण, गीता, पुराण, जैन-बौद्ध साहित्य, बाइबिल, र्कुआन, गुरुग्रन्थ साहेब आदि आदि का समन्वयवादी भाव और ज्ञान विद्यार्थियों में प्रविष्ट करना-कराना चाहिये जिसमें
विद्यार्थियों को किसी भी वर्ग-जाति-सम्प्रदाय से ऊपर उठाकर भेद रहित भाव भरना सबसे प्रमुख उद्देश्य रखना चाहिये ।"
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TARSEM GIRDHAR
11 साल 2 महीने पहले
विद्या का क्षेत्र सदा ही नीच-ऊँच, गरीब-अमीर, लिंग-जाति-वर्ग- सम्प्रदाय आदि भेद मूलक दूषित विधान से सर्वथा रहित और ऊपर सद्भाव, सद्विचार, सद्व्यवहार और सत्कार्यरूप विधानों से
युक्त होना चाहिये ।"
"वेद, उपनिषद्, रामायण, गीता, पुराण, जैन-बौद्ध साहित्य, बाइबिल, र्कुआन, गुरुग्रन्थ साहेब आदि आदि का समन्वयवादी भाव और ज्ञान विद्यार्थियों में प्रविष्ट करना-कराना चाहिये जिसमें
विद्यार्थियों को किसी भी वर्ग-जाति-सम्प्रदाय से ऊपर उठाकर भेद रहित भाव भरना सबसे प्रमुख उद्देश्य रखना चाहिये ।
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TARSEM GIRDHAR
11 साल 2 महीने पहले
आज हर मनुष्य यह तो चाहता है कि देश को महात्मा गांधी लाल बहादुर शास्त्री जैसे देश भक्तों एवं विवेकानंद जैसे धार्मिक महापुरुषों की आवश्क्ता है जो समाज को विकसित कर सकें और भारत देश को पुन: विश्व गुरु का दर्जा दिला सकें परंतु "यह कौन माता पिता चाहता है कि वो महात्मा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री और विवेकानंद जैसी महान जीवात्मा मेरे घर में पैदा हों" ? कारण क्या है केवल एक कि आज कि शिक्षा तो विद्या का रूप देना पड़ेगा जिसमे सत्य अहिंसा और धर्म का स्थान होना अनिवार्य है जो लुप्त हो चुका है ।
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Neelam_3
11 साल 2 महीने पहले
Smaveshi shiksha ke liye sansadhan kaksha , sansadhan adhyapak ki vidyalaya var niyukti sunischit ki jani chahiye
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SSMSD SRSEC SCHOOL D ED CENTER UCHANA KALAN
11 साल 2 महीने पहले
all elementary there are no difference between girls,sc,st and children with special needs
Ravina Roll No 1
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NEERAJ_14
11 साल 2 महीने पहले
Inclusive education is for those who are not financially able to take services. We can help those needy persons through Inclusive education.
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P RAVI CHANDRA
11 साल 2 महीने पहले
2 minutes plz see image.i'm hoping they are #valuable #suggestions.
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RENU MALIK
11 साल 2 महीने पहले
smaveshi siksha ke liye sansadhan kaksh sansadhan adhyapak ki vidyalaya var niyukti karna
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Vijigish V
11 साल 2 महीने पहले
There should not be special schools based on castes / religion or minority status. As a country, priority must be to integrate the country. Let all children learn in the same school. Those who have backward in studies or those who have difficulties in studies must be supported. Dress code must be same for all.
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