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समाज में लड़कियों के साथ हो रहे भेदभाव के खिलाफ आवाज़ उठायें और बदलाव लाएं

Communicating and changing the discriminatory social construct against the girl child
आरंभ करने की तिथि :
Oct 08, 2014
अंतिम तिथि :
Nov 30, 2014
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

आज भी लड़कियों को जन्म से पहले ही असमानता और लिंग आधारित भेदभाव का ...

आज भी लड़कियों को जन्म से पहले ही असमानता और लिंग आधारित भेदभाव का सामना करना पड़ता है। राष्ट्र का विकास तब तक संभव नहीं है जब तक कि महिलाओं को उनकी क्षमतानुसार अवसर नहीं प्रदान किए जाएँगे और जब तक वे राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान नहीं देंगी।

लड़कियों को सशक्त बनाने के लिए समाज में क्या बदलाव लाए जाएँ इसके बारे में अपने विचार, सुझाव और प्रतिक्रिया साझा करें। लोगों तक इस पहल को पहुँचाने के लिए और स्थिति में सुधार लाने के लिए क्या रणनीति अपनाई जानी चाहिए?

फिर से कायम कर देना
2524 सबमिशन दिखा रहा है
KUNAL BANAWALIKAR
KUNAL BANAWALIKAR 11 साल 8 महीने पहले
Sir, I believe we should make also school CO-EDUCATION ( with Girls and Boys together) This definitely helps Boys to respect girls from Childhood, And girls similarly learn to deal with boys and are never afraid of them since childhood . We have many Boys school or Girls School in Urban Cities Like Mumbai. All schools in India should strictly be Co - Ed so parents will have to put them in a Co-Ed school, whether Urban or Rural. Thank You.
SATYENDRA SINGH PARMAR
SATYENDRA SINGH PARMAR 11 साल 8 महीने पहले
माननिय प्रधानमंत्री महोदय शिक्षा केन्दों से आ रहि यौन उत्पीड़न की शिकायतें अति गम्भिर विषय है मेरी राय है कि ईनकी रोक थाम के लिये देश में संचालित हो रहे सभी विधालयों में नैतिक शिक्षा को मुल विषय के रूप में पढाना निश्चित किया जाये क्योंकि उत्पीड़न की शिकायतें ज्यादा तर कान्वेंट विधयलयों से आति हैं जहाँ नैतिक मूल्यों और कर्तव्यों के बारे में किंचित मात्र भी नहीं बताया जाता जिससे वो विद्यार्थी अनैतिक कार्यों कि ओर बढ़ जाते हैं और कभी कभी तो अध्यापक भी ईस प्रकार की हरकतों में पकडे जाते हैं
Nitin Agarwal
Nitin Agarwal 11 साल 8 महीने पहले
Recently, in Bangalore and then in Kolkata, we heard news of molestation of small girls in School premises. These are one of major hindrances in such movements like"Beti Bachao Beti Padhao". I most humbly request our Hon'ble PM Shri Modi to intervene in this matter and make stringent laws against such Act. Sir, please please help us to get rid of these shameful and unfortunate scenario.
SATYENDRA SINGH PARMAR
SATYENDRA SINGH PARMAR 11 साल 8 महीने पहले
मन्यनिय प्रधानमंत्री महोदय शिक्षा केन्दो में आ रहि यौन उत्पीड़न की शिकायत आति ही रहती हैं ईनकी रोक थाम के लिये देश में संचालित हो रहे सभी विधालयों में नैतिक शिक्षा दिया जाना निश्चित किया जाये क्योंकि उत्पीड़न की शिकायतें कान्वेंट विधयलयों से आति हैं अगर देश में संचालित हो रहे सभी विधयालयों में नैतिक शिक्षा को अनिवार्य रूप से कम से कम हाई स्कूल तक कर दें और मैं ये दावे के साथ कह सकता हूँ कि ईस तरह की घटनाओं पर केवल ईस एक छोटे से कदम से अविश्वासनिय कमी आयेगी उदाहरण के तौर पर विद्या भारती है