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स्किल इंडिया 2.0 की पुनर्कल्पना: भारत में कौशल विकास में सुधार लाने के लिए रचनात्मक विचार एवं सुझाव आमंत्रित

Reimagining Skill India 2.0: Inviting creative ideas and suggestions to help reinvent the landscape of skilling in India: 
आरंभ करने की तिथि :
Feb 18, 2022
अंतिम तिथि :
Jun 30, 2022
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

स्किल इंडिया 2.0 की पुनर्कल्पना: भारत में कौशल विकास में सुधार लाने के ...

स्किल इंडिया 2.0 की पुनर्कल्पना: भारत में कौशल विकास में सुधार लाने के लिए रचनात्मक विचार एवं सुझाव आमंत्रित

विश्वसनीय एवं योग्य कार्य क्षमता की तत्काल आवश्यकता को समझते हुए सरकार ने स्किल इंडिया 2.0 की पुनर्कल्पना की है। वर्कफोर्स को नए अवसर प्रदान करने के लिए भविष्य की जरुरतों के मुताबिक कार्य क्षमता का निर्माण पर फोकस किया गया है ताकि वे एक नए भारत के विकास में अपना योगदान दे सकें

केंद्रीय बजट 2022 से एक नए भारत के दृष्टिकोण को बढ़ावा मिला, जो एक सुदृढ़ कौशल विकास के इकोसिस्टम, मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और अवसरों में वृद्धि की नींव पर आधारित है। इस सपने को साकार करने एवं कौशल क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई पहलों का प्रस्ताव दिया गया है। वे हैं:

उद्योग कनेक्ट: भारत उद्योग 4.0 में प्रवेश कर रहा है तदानुसार उद्योग लिंकेज, मांग-संचालित उद्योग-प्रासंगिक प्रशिक्षण अवसर प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण हो जाता है। स्किल के इस अंतर को कम करने एवं उद्योगों को मांग-आधारित कुशल जनशक्ति प्रदान करेगा, जिससे नई नौकरियों के अवसरों का सृजन होगा।

एनएसक्यूएफ एलाइनमेंटः प्रतिभाओं को मांग के अनुरूप लाने के प्रयास में सरकार, राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचे (एनएसक्यूएफ) के नवीनीकरण और उभरते उद्योगों के साथ तालमेल बिठाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।

डिजिटल कौशल: DESH-stack ई-पोर्टल की शुरुआत से कौशल और आजीविका के लिए डिजिटल इकोसिस्टम को प्रोत्साहन मिलेगा एवं यह एक कौशल से संपन्न देश बनने की दिशा में जटिल समस्याओं का समाधान प्रदान करेगा।

सरकार डिजिटल स्किल इकोसिस्टम को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दे रही है क्योंकि एआर/वीआर, मशीन लर्निंग जैसे तकनीकी कौशल और स्वचालित प्रणालियों सहित डेटा के साथ काम करने की क्षमता वर्तमान समय में अनिवार्य हो गई है। फसल मूल्यांकन, भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण और कीटनाशकों के छिड़काव के लिए ड्रोन शक्ति और किसान ड्रोन के इस्तेमाल के साथ, देश आज भविष्य की मांग के अनुसार अत्याधुनिक दुनिया में प्रवेश के लिए तैयार है। ड्रोन और आधुनिक कृषि-तकनीक दोनों क्षेत्रों के लिए असंख्य अवसर प्रदान करेंगे: प्रौद्योगिकी और कृषि आधुनिकीकरण कंपनी दोनो के लिए एक पारस्परिक रूप से लाभकारी इकोसिस्टम।

देश को विश्व की कौशल राजधानी बनाने का संकल्प पूरा करने के लिए कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय सभी भारतीय नागरिकों से उनके सर्वोत्तम विचार और सुझाव आमंत्रित करता है

प्रविष्टि भेजने की अंतिम तिथि 30 जून 2022 है।

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V Navin Mitiran
V Navin Mitiran 4 साल 6 महीने पहले
Hon'ble Prime Minister Of India. My Humble Thoughts With You. 1). FORMATION OF CYCLONES: WITH THE CORIOLIS EFFECT AND PUSHING OF ACCRETION CLOUDS USING GRAVITY CREATE ARTIFICIAL CYCLONE ANTICYCLOGENESIS SURPASSING ELNINO EFFECT. I CAN PROVE IT WITH MAXIMUM UTILIZATION OF RESOURCES AND RESOURCE MANAGEMENT. TAMILNADU BEING DROUGHT AFFECTED STATE ESPECIALLY DURING EARLY AND LATE SUMMER. To be Contd...
Mukesh Kumar
Mukesh Kumar 4 साल 6 महीने पहले
school level पर mentors appoinment किया जाये। जिससे प्रत्येक students के बारे में अच्छे से उसके background और उसकी hobbies पता चल सके। उसी के अनुसार आगे चल कर उसको उसी field में traning दी जा सके जिस field में उसकी रुचि है। इस तरह skill india को promote किया जा सकता है। साथ ही साथ skill india का सपना पूरा किया जा सकता है। और ये युवा आगे चल कर देश की तरक्की में अपना योगदान दे सकते हैं।
yogesh chopra
yogesh chopra 4 साल 6 महीने पहले
Honorable Members, Skill development has to be considered along with subject/domain knowledge.Therefore, it may be worth considering skill development as credit courses in all higher education institutions as it will standardize the programs in training and can be rolled out across every district of the country.It will also make it possible for students to combine subject knowledge with innovative thoughts for product development.The university campuses across every state can emerge as knowledge hubs and students participation in the university can grow by leaps and bounds. Segregation of skills from any department of sciences may not be as successful as integration of knowledge and skill development programs within the same institution of higher learning. Dissemination of knowledge and hands-on training can be much better at all existing or proposed university campuses across every state/country as students simply need to move "within a campus" and not across different institutions