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आरंभ करने की तिथि :
Sep 30, 2020
अंतिम तिथि :
Oct 14, 2020
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
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JAYSWAL LALITKUMAR BABULAL
5 साल 7 महीने पहले
रणछोजा रहा हैड़ पगी के योगदान को गिना
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Arunima Mandwariya
5 साल 7 महीने पहले
Freedom fighters of Mandsaur district of Madhya Pradesh had made a contribution by cutting off the telephone lines of British so as to disrupt their commutation.
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Anand sah
5 साल 7 महीने पहले
अहम् ,आनंद: , एक: बालक: अस्मि। मम् गृहम् एके ग्रामे अस्ति।
तस्य गृहस्य नाम: अरंगी अस्ति।
मम् प्रिय महापुरुषस्सय नाम: सरदार: वल्लभ: पटेल: अस्ति।स: अनेका महान अकुरुत। अतः तस्य पुरुषस्य प्रसिद्धम् नामम् लौह: पुरुष: अभवन्।
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rahul kumar gupta_11
5 साल 7 महीने पहले
देश की आजादी के लिए स्वतंत्रता सेनानियों ने खूब मेहनत की। उन्होंने ब्रिटिश शासन से लड़ने में दिन-रात एक कर दिए। उन्होंने अपने आराम और जीवन के सारे सुख त्याग दिए। उनमें से कुछ जैसे भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाकुल्लाह खान जैसे स्वतंत्रता सेनानियों तो अपनी जान तक देश पर कुर्बान कर दी।
महात्मा गांधी के अहिंसा के आंदोलन से आजादी हासिल करने में काफी मदद मिली। इसके नतीजे में ही 200 सालों के ब्रिटिश शासन से हमें आजादी मिली।
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anjali raghuwanshi
5 साल 7 महीने पहले
Namaste Bharat .Rajkumar shukla also play great role for struggle Independence it was farmer's uprising took place in champaran in bihar he convinced gandhi for visit champaran gandhi later wrote in his autobiography I must confess that t did not then know even the name much less the geographical position of champaran and I had hardly any notion of indigo plantation I think rajkumar play major role for awaring gandhi .bcz he belong poor farmer family but his brave was great I respect his brave
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Anand sah
5 साल 7 महीने पहले
When We are landless,clothless, shelter less only they were, freedom fighters fought wars only for us and some freedom guiders were sardar Vallabhbhai Patel, jawahar lal nehru, Gandhi ji (Nation father),etc from them some were non-violence followers and some were violence supporter apart from these some were the women of iron will determination they had both type of weapons like blood to blood or by harmonial way of discussion.But both were the freedom fighters and they were the prophets of Ind.
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RaginiBharti
5 साल 7 महीने पहले
हमारे देश की वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई को शत शत नमन करती हूं। जो अपने देश को स्वतंत्र कराने के लिए अपने जान की परवाह न करते हुए अंग्रेजों के छक्के छुड़ाती हुई अपना सर्वोच्च बलिदान दे दी।बुंदेले हरबोलों के मुंह हमने सुनी कहानी थी। खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी,इस देश के बच्चे से बूढ़ों तक रानी लक्ष्मी बाई पर नाज है उनको मैं बारम्बार नमस्कार करती हूं।हमअपने उन सभी देश पर मर मिटने वाले देश भक्तों की कर्जदार हूं।उनका सादर वंदन करती हूं जिनके बदौलत हम स्वतंत्र भारत में अमन चैन से हैं।
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Aswin M Menon
5 साल 7 महीने पहले
Alluri Sita Ramaraju who is also known as Manyam veerudu(jungle hero),is a revolutionary freedom fighter from Andhra pradesh.He motivated the local villagers to fight against British and led the Rampa rebellion against the impostion of 1882 Madras Forest Act.Still his glory remains in all our hearts.
Bharat mata ki jai!
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Anushree Kulshreshtha
5 साल 7 महीने पहले
Matangini मातंगिनी हाजरा का जन्म 19 अक्टूबर 1870 को पूर्वी बंगाल (वर्तमान बांग्लादेश) में मिदनापुर जिले के होगला गाँव में एक गरीब किसान परिवार में हुआ। गरीबी के कारण 12 वर्ष की आयु में ही उनका विवाह 62 वर्षीय विधुर त्रिलोचन हाजरा से कर दिया गया। ... मातंगिनी ने गाँधी जी की सीखों को अपने जीवन का हिस्सा बना लिया था
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Anindith Gowda Kochi Baarike
5 साल 7 महीने पहले
Twenty years before the uprising by Hutaatma Mangal Pandey Ji, a Freedom Movement beginning from Sulya (present-day D.K. District) spread from Madikeri to Mangaluru and saw the active participation of the natives collectively against the British East India Company. The native Freedom Fighters were successfully able to drive the British away, but as fate would have it, the freedom fighters were deceived and the brunt of it has been experienced by the elders at Sulya.
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