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आरंभ करने की तिथि :
Sep 30, 2020
अंतिम तिथि :
Oct 14, 2020
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
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टिप्पणियाँ (1)
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peer zada hilal Ahmad
6 साल 1 week पहले
this is a great idea
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Vikas Meena
6 साल 1 week पहले
How we Forgot Jallianwala Massacre And The Roolet Act, The Durand Line By The Britishers.. These The Some very Painful Moments Of The Freedom Struggle..
Today We're Living In A PeaceFul World. No One is Depend On others.
Due To Their Struggle..
Our Glorious And Great Fighters Are
Mahatma Gandhi ,Sardar Valabh Bhai Patel, Subhash Chandra Bose,Lal Bahadur Shastri, Chandra Shekhar Azad, Bhagat Singh, Bal Gangadhar Tilak, Ram Prasad Bismil And many More.
They Are The Great Fighters.
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Vaibhav pawar
6 साल 1 week पहले
सन १८५७ में उठी चिंगारी ने भारत में ब्रिटिश सिहासन की नींव हिल गयी। आंदोलन असंगठित होने के कारण इसे रोकने में
ब्रिटिशों कोई कठिनाई नहीं लगी लेकिन,हर एक भारतीय के मन में आज़ादी को पाने की चाह बढ़ गई। अनेक क्रांतिकारीयों ने अपने प्राणों की बाजी लगा दी, उन क्रांतिकारीयों के असंख्य नाम यहाँ लिखना असंभव है,उहें इस अवसर पर शतशः नमन।
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Chaturbhuj Tembhare
6 साल 1 week पहले
स्वाधीनता सग्रांम
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Gopika A
6 साल 1 week पहले
each and everyone has duty to save our country.am I right.lets know more about our freedom fighters.
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Shobha Sanchayani
6 साल 1 week पहले
Puli Thevar fought a coalition of British soldiers and troops of the Nawab of Arcot on different battlefields from 1755 to 1760. He was the first indian to fought against Britishers. He born into a martial arts community. He is believed to have died in exile in 1767.
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SAI GANESH BUDDHARAJU
6 साल 1 week पहले
it's a great pleasure to share and think his freedom struggle
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N K Tripathi
6 साल 1 week पहले
संक्षिप्त में एक सफ़र नामा बात चली बघेल भवन की रास्ते में मिला था गोपीगंज, जिसकी कीमत थी टोपी से भी कम।’ जंग बहादुर सिंह बघेल के भतीजे और वर्तमान में बघेल परिवार के बयोवृद्ध सदस्य गुलाब सिंह बघेल कहते हैं कि विदेशी कपड़ों की होली जलाने के मामले में दादा जी और बुआ गिरफ्तार कर जेल गए थे। बाल्यावस्था में मैं भी उन लोगों से मिलने के लिए नैनी जेल जाया करता था।
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ADARSH KUMAR BAJPAI
6 साल 1 week पहले
यह सत्य नहीं है कि आजादी हमें बिना खड्ग बिना ढाल के ही प्राप्त हो गयी है यह कहना उन स्वत्रंता संग्राम सेनानीयों का अपमान होगा जिनके डर से अंग्रेजों को भागना पड़ा |
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om prakash samal
6 साल 1 week पहले
Really when I think about the freedom fighter , l used to think that in past l was also a member of that is, so this time l will make them proud by helping our country to stand in 1st position.
jay hind jay bharat.
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