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हमारे दैनिक दिनचर्या में ऊर्जा बचत प्रथाओं को शामिल करने के बारे में अपने विचार साझा करें

हमारे दैनिक दिनचर्या में ऊर्जा बचत प्रथाओं को शामिल करने के बारे में अपने विचार साझा करें
आरंभ करने की तिथि :
Dec 11, 2023
अंतिम तिथि :
Dec 31, 2023
18:15 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस को हर वर्ष 1991 से 14 दिसंबर को मनाया जा रहा ...

राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस को हर वर्ष 1991 से 14 दिसंबर को मनाया जा रहा है। ऊर्जा कुशलता और संरक्षण के महत्व के बारे में जनसामान्य में जागरूकता बढ़ाने के लिए ऊर्जा प्रद्यूम्न (बीईई), विद्युत मंत्रालय के अधीन, हर वर्ष इस उत्सव का मुख्य आयोजन करता है। राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस का उद्देश्य ऊर्जा कुशलता और संरक्षण के महत्व के बारे में जनमानस में जागरूकता बढ़ाना है।

तुम्हारे विचार मायने रखते हैं: ऊर्जा संरक्षण पर बातचीत में शामिल हों!

हम मानते हैं कि छोटे कदम बड़े परिवर्तन की ओर ले जा सकते हैं, इसलिए ऊर्जा प्रद्यूम्न (बीईई) और MyGov के सहयोग से आपको ऊर्जा संरक्षण पर केंद्रित एक समुदाय-प्रेरित पहल में शामिल होने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं। आपके विचार हमारे सामूहिक प्रयास में एक और साकारात्मक भविष्य बनाने में महत्वपूर्ण योगदान कर सकते हैं।

ऊर्जा संरक्षण एक साझा जिम्मेदारी है, और हम चाहते हैं कि आपसे मिले! इस बातचीत में शामिल होकर, आपको यह अवसर होगा कि आप अपने विचार, सुझाव और नवाचारी विचारों को साझा करें, कि हम सभी ऊर्जा बचाने की प्रथाएँ अपने दैहिक दिनचर्या में कैसे समाहित कर सकते हैं।

याद रखने वाली बातें:
1. अपने व्यक्तिगत ऊर्जा बचाने के टिप्स साझा करें।
2. समुदाय को ऊर्जा कुशलता को बढ़ावा देने के लिए पहलुओं का प्रस्तुतीकरण करें।
3. संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए रचनात्मक तरीके पर चर्चा करें।

आपका योगदान अमूल्य है, और साथ में, हम हमारे पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। एक हरित, और और सतत भविष्य की ओर काम करें। आपके शानदार विचारों को सुनने की आशा है!

नियम और शर्तों के लिए यहाँ क्लिक करें।pdf (89.08 KB)

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Vikash Kumar
Vikash Kumar 2 साल 8 महीने पहले
🔵ऊर्जा; चर्चा /परिचर्चा, अपने दैनिक जीवन में ऊर्जा सुरक्षा कैसे की जाए । उर्जा के श्रोत को दो मुख्य भागों में बांटा जाता है नवीकरणीय एवं अनवीकरणीय ऊर्जा में _ अनाविकरणीय ऊर्जा जिसके एक बार खत्म हो जाने से संभवतः दोबारा प्राप्त कई करोड़ वर्ष बाद किया जा सकता है। वहीं नवीकरणीय ऊर्जा संसाधन पुनः प्राप्य योग्य है जिसे जब चाहे प्राप्त किया जा सकता है आज हमें नवीकरणीय ऊर्जा शक्ति की ओर चलने की ज़रूरत है । नमस्कार मेरा नाम विकास कुमार मैं झारखंड प्रांत के रांची जिला क्षेत्र के आम विद्यार्थी हूं। इस चर्चा में मैं अपने मनोभाव को ही व्यक्त करने का प्रयास करूंगा । भारत विकासशील देशों में एक है जिसकी जीवन रेखा ऊर्जा शक्ति पर ही आधारित है। अभी भी देश लगभग 70 – 80 फीसदी ऊर्जा का श्रोत जीवस्म ईंधन है जिसके एक बार खत्म हो जाने से दोबारा नहीं मिलेगा। जिस प्रकार भारतीय संविधान में ग्यारह मौलिक कर्तव्य दिए गए है ठीक उसी प्रकार अब हमें स्वेक्षा से एक और दैनिक कर्तव्य की पालन करनी आवश्यक है। "ऊर्जा सुरक्षा"