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25 नवंबर, 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात के लिए अपने विचार साझा करें

आरंभ करने की तिथि :
Nov 14, 2018
अंतिम तिथि :
Nov 23, 2018
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

हमेशा की तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आपसे जुड़े महत्वपूर्ण ...

हमेशा की तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार आपके साथ साझा करेंगे। मन की बात कार्यक्रम के 50 वें संस्करण के संबंध में प्रधानमंत्री आपसे सुझाव आमंत्रित करते हैं, ताकि इस कार्यक्रम में आपके अनोखे विचार को शामिल किया जा सके।

आप अपने पसंदीदा विषयों, जिन पर आप चाहते हैं कि प्रधानमंत्री बात करें, उसके बारे में अपने सुझाव व विचार भेज सकते हैं।

आप अपने विचार इस खुले मंच पर साझा कर सकते हैं अथवा हमारे टॉल फ्री नंबर 1800-11-7800 डायल करके प्रधानमंत्री के लिए अपना सन्देश हिन्दी अथवा अंग्रेजी में रिकॉर्ड करा सकते हैं। आपके संदेशों में से कुछ संदेशों के चुनिंदा हिस्से को मन की बात में प्रसारित भी किया जा सकता है।

इसके अलावा आप 1922 पर मिस्ड कॉल देकर और एसएमएस में दिए लिंक पर जाकर सीधे प्रधानमंत्री को भी अपने सुझाव व विचार भेज सकते हैं।

25 नवंबर, 2018 को प्रातः 11:00 बजे मन की बात कार्यक्रम सुनना ना भूलें।

फिर से कायम कर देना
2407 सबमिशन दिखा रहा है
Rajneesh Pandey
Rajneesh Pandey 7 साल 9 महीने पहले
Sir,I used to be big fan of yours but some things that we expected from you never fulfilled like transparent political funding;you made it more opaque through electoral bonds.secondly,no progress on elimination of criminalization of politics.Thirdly,no Lokpal yet &very slow progress.And most important thing is you never do any press conferences, this is not good for a healthy democracy, what stopping you sir?
Rajat Jai Tripathi
Rajat Jai Tripathi 7 साल 9 महीने पहले
नमस्कार प्रधानमंत्री जी… मौजूदा समय में देश में चुनावी माहौल है। इस दौरान हमें कुछ नए नजारे देखने को मिल रहे हैं, जिससे अनुभव होता है कि हम नए भारत की तरफ अग्रसर हैं। मध्य प्रदेश चुनाव के दौरान चुनाव आयोग 187 सक्षम पोलिंग बूथ बना रहा है, जोकि दिव्यांगजनों द्वारा संचालित होंगे, अर्थात् इन पोलिंग बूथों पर जो कर्मचारी होंगे, वे दिव्यांग होंगे। चुनाव आयोग के इस प्रयास के जरिए दिव्यांगजन साबित कर देंगे कि वो विकलांग नहीं है और नए भारत के निर्माण में वे किसी से कम योगदान देने वाले नहीं हैं।