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29 अगस्त 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम के लिए भेजें अपने सुझाव

Inviting ideas for Mann Ki Baat by Prime Minister Narendra Modi on 29th August 2021
आरंभ करने की तिथि :
Aug 05, 2021
अंतिम तिथि :
Aug 27, 2021
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों ...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। मन की बात कार्यक्रम के 80 वें संस्करण के लिए प्रधानमंत्री आपसे सुझाव आमंत्रित करते हैं, ताकि इस कार्यक्रम में आपके नूतन सुझावों व प्रगतिशील विचारों को शामिल किया जा सके।

'मन की बात' के आगामी संस्करण में आप जिन विषयों व मुद्दों पर प्रधानमंत्री से चर्चा सुनना चाहते हैं, उससे संबंधित अपने सुझाव व विचार भेजना न भूलें। आप अपने सुझाव इस ओपन फोरम के माध्यम से साझा कर सकते हैं अथवा हमारे टॉल फ्री नंबर 1800-11-7800 डायल करके प्रधानमंत्री के लिए अपना सन्देश हिन्दी अथवा अंग्रेजी में रिकॉर्ड करा सकते हैं। कुछ चुनिंदा संदेशों को 'मन की बात' में भी शामिल किया जा सकता है।

इसके अलावा आप 1922 पर मिस्ड कॉल करके एसएमएस के जरिए प्राप्त लिंक का इस्तेमाल कर सीधे प्रधानमंत्री को भी सुझाव भेज सकते हैं।

29 अगस्त 2021 को सुबह 11:00 बजे मन की बात कार्यक्रम सुनना न भूलें |

फिर से कायम कर देना
10569 सबमिशन दिखा रहा है
Neha Choudhry
Neha Choudhry 4 साल 10 महीने पहले
Please stop unnecessary residential building constructions. There are number of buildings lying empty and people are not able to afford because of there high prices so, what's the point of building new projects as, it's taking the toll of environment, acres of land is being destroyed due to the constructions. Also people who can afford they are buying the flats only for investment purpose and earning rentals. There should be restriction on number of properties an individual can possess. Save🌍
Abdul salam
Abdul salam 4 साल 10 महीने पहले
मां. प्रधानमंत्री महोदय, आपसे प्रार्थना है कि सरकारी अस्पतालों में डाक्टर व अन्य कर्मचारियों को मरीज और उसके तीमारदारों के साथ सही बर्ताव व बीना परेशान किये उनको इलाज मुहैया कराने में सक्रियता पूर्वक पूरा ध्यान दें। कई बार ऐसा मामला सामने आ चूका है जिसमें अस्पताल कर्मियों या डाक्टर की लापरवाही से मरीज की जान चली गई और घर वालों के पास समय व सुविधा के बाद भी मरीज को नहीं बचाया जा सका? धन्यवाद,,
krish gupta
krish gupta 4 साल 10 महीने पहले
Sir I want you to change the chapters in ncert books . Sir because in it world history is written where as all indian should know about there history + sir science books are outdated that should be changed according to new technology and science , In addition sir in maths book vedic math chapter must be added .
NeelamGoyalPrincipal
NeelamGoyalPrincipal 4 साल 10 महीने पहले
माननीय प्रधानमंत्री जी । नमस्कार सर 🙏 सर भारत सरकार के HRD शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2021 के लिए राष्ट्रीय स्तर पर दिव्यांग शिक्षकों का भी चयन करना चाहिए। सर केवल 44 सामान्य शिक्षकों का चयन किया गया है। दिव्यांग शिक्षकों के लिए निर्धारित पुरस्कार की घोषणा नहीं की गई है। सर दिव्यांग शिक्षक अपनी शारीरिक विपरीत परिस्थितियों में भी शिक्षा के क्षेत्र में बहुत अच्छा कार्य करते हैं। उनको प्रोत्साहन की आवश्यकता है। धन्यवाद जी। 🙏
SATYA PRAKASH TRIPATHI
SATYA PRAKASH TRIPATHI 4 साल 10 महीने पहले
सर को सादर प्रणाम।।सर बरसात के मौसम में शर्पदंश से होने वाली मृत्यु में लगातार इजाफा हो रहा है।।सर लोग इलाज न कराके ओझा वैद के चक्कर मे अपनी जान खो रहे है। सर सरकारी प्रयास से जागरुकता फैलायी जाये।।
VALSALAKUMARI P S
VALSALAKUMARI P S 4 साल 10 महीने पहले
Dear Modiji, Let us support the COVID patients to increase their oxygen level by 'PAPPAYA' (पपीता) leaves! It has a magical power to boost their breathing capacity. Its simple, Put some Pappaya leaves in pure water and boil for 2-3 minutes, then ask the patients to Nebulise it well. Amazingly patients will get well soon, no doubt No more struggling for Oxygen cylinders in our ICU, Sir. OR india can practice this as natural medicine and sell Internationally.
AJAY KUMAR
AJAY KUMAR 4 साल 10 महीने पहले
जो व्यक्ति गांव में निवास कर रहा है और उसके पास खेती करने के लिए जमीन नहीं है तो सरकार उसे चिन्हित करके कम से कम तीन -तीन बीघा जमीन दे जिससे वह खेती कर सके और गांव में रहकर उसकी थोड़ी जड़ बन जाए लोग तीन तीन पीढ़ी से रह रहे हैं गांव में और आज के समय में उनके पास खेत ही नहीं है जबकि ग्राम पंचायत में काफी खाली जमीन पड़ी है और दबंग व्यक्ति जमीन घेरे हुए हैं जैसा कि हमारी ग्राम पंचायत औडेनय पंडरिया जिला मैनपुरी में हो रहा है