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29 मार्च, 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात के लिए भेजें अपने सुझाव

आरंभ करने की तिथि :
Mar 09, 2020
अंतिम तिथि :
Mar 28, 2020
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों ...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। मन की बात कार्यक्रम के 62 वें संस्करण के लिए प्रधानमंत्री आपसे सुझाव आमंत्रित करते हैं, ताकि इस कार्यक्रम में आपके नूतन सुझावों व प्रगतिशील विचारों को शामिल किया जा सके।

'मन की बात' के आगामी संस्करण में आप जिन विषयों व मुद्दों पर प्रधानमंत्री से चर्चा सुनना चाहते हैं, उससे संबंधित अपने सुझाव व विचार भेजना न भूलें। आप अपने सुझाव इस ओपन फोरम के माध्यम से साझा कर सकते हैं अथवा हमारे टॉल फ्री नंबर 1800-11-7800 डायल करके प्रधानमंत्री के लिए अपना सन्देश हिन्दी अथवा अंग्रेजी में रिकॉर्ड करा सकते हैं। कुछ चुनिंदा संदेशों को 'मन की बात' में भी शामिल किया जा सकता है।

इसके अलावा आप 1922 पर मिस्ड कॉल करके एसएमएस के जरिए प्राप्त लिंक का इस्तेमाल कर सीधे प्रधानमंत्री को भी सुझाव भेज सकते हैं।

29 मार्च, 2020 को सुबह 11:00 बजे मन की बात कार्यक्रम सुनना न भूलें

फिर से कायम कर देना
6446 सबमिशन दिखा रहा है
Ravishankar Nanaiah
Ravishankar Nanaiah 6 साल 5 महीने पहले
Please talk to all the chief ministers of India and motivate all the states to do their best in fighting Corona virus menace. please don't be EGOISTIC. Different states have different needs and you need to be sensitive and understanding. please leave your EGO and arrogance. please talk to CMs to find the pathetic conditions of daily wagers casual labourers of poor states
Gitanjali
Gitanjali 6 साल 5 महीने पहले
औद्योगिक क्षेत्रातील अनेक कारखाने चालूच  काही दिवस हे कारखाने बंद राहिल्यास कोरोना पेक्षा ही मोठी आपत्ती येईल का?  फार्मा व एपीआय व त्यांना आवश्यक मालाचा पुरवठा करणाऱ्या उद्योगांना बंदच्या आदेशातून मुभा  पण याठिकाणी कामावर येणाऱ्या हजारो कामगारांचे काय? कारण कोरोना प्रादुर्भाव रोखण्यासाठी एकीकडे जमाव बंदी, संचार बंदी व जनता कर्फ्यू सारख्या विविध उपाय योजना व नियम विनियमन लावून सक्ती केली जात असतानाच या कारखाण्यांमधून काम करणारे कर्मचारी सोसायटी मध्येच राहतात व यासाठी त्यांना दररोज घरातून ब
Swatantra Anand
Swatantra Anand 6 साल 5 महीने पहले
नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नमः: । नम:प्रकृत्यै भद्रायै नियंता: प्रणता: संयम ताम ।। जनता को सोचना चाहिए कि पूरी जिंदगी भर सपने संजोने के आपे धापी में आपने कभी आराम से निश्चिंतता से घर में बिताया नहीं होगा। तो कोरोनावायरस के चलते ही सही चलिए १महीनेकी छुट्टीही मना लिजीए। परिवारके साथ आनंद ले सिर्फ फरक इतना होगा कि अपने होटलमें एकबार चेक-इन कर लिया तो समझिए चेक-आउट २१दिन बाद करा सकते हैं और हां होटल बिल फ्री होगा।और हां खाने-पीने को पहुंचाने की जिम्मेदारी प्रधान सेवक का होगा मुझे टिप मिल जाएगा
Aniket Jana
Aniket Jana 6 साल 5 महीने पहले
Sir Please provide Personal Protective Equipment(PPE) to the health staff doctors,nurses.A hospital in Rajasthan has infected 16 doctors and nurses due to lack of PPE then,they are on a suicide mission they are risking everything.Torn raincoats,gloves,even plastic bags these have been provided in the name of PPE. Sir please Sir look into it,a humble request.
Ravishankar Nanaiah
Ravishankar Nanaiah 6 साल 5 महीने पहले
you have become administration-wise very LAZY like Nehru during his last days. you are not doing review meetings of progress on the policies and programmes. Nor you are motivating your ministers. you don't give your ministers free hand. That's why there is ALL ROUND FAILURE. Economy in shambles. You are just making TV speeches and foreign tours. That's not how country works. Listen to the great speeches of Heads of Corona affected countries you will get clue of what you should do.THIS IS SERIOUS
Jitendra Kumar
Jitendra Kumar 6 साल 5 महीने पहले
आज पूरा भारत सिर्फ और सिर्फ हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की बजह से सुरक्षित है उनके सूझ बूझ की बजह से आज Corona जैसा घातक वायरस थमने लगा है जिससे देश में अब खुशी की आवाज को भी सुना जा सकता है आज देश की सर्वोच्च अदालत ही नहीं दुनिया की सभी महा शक्तियाँ मोदी जी की तारीफ कर रही चाहे WHO हो चाहे सयुंक्त राष्ट्र हो चाहे सुपर पावर अमेरिका क्यों न हो सभी लोहा माना है क्यों कि तत्काल प्रभावी निर्णय की बजह से ही आज दुनिया का दूसरे बड़ा देश होने पर भी यहाँ पर वायरस मुह नहीं खोल पाया है