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Ghanshyam Patidar
6 साल 2 महीने पहले
कोरोना का मतलब
को- कोई
रो-रोड पर
ना- ना निकले
अगर हम सभी ने इसका सख्ती से पालन नहीं किया तो इसका मतलब बदलते देर नहीं लगेगा
को- कोई
रो- रोने वाला
ना- नहीं रहेगा
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Pushpendra singh
6 साल 2 महीने पहले
mananiy Pradhanmantri Ji Se bus Yahi Kahana Chahunga ki jo log se dusre state mein plan kar rahe hain Unka Thoda dyan hajaron kilometre Chal Ke vo Apne ghr pahunch rahe hain unke ke liye Kuchh Na Kuchh aur ham sab log aapke Sath Hain aur pura Desh Ek sath Chota is mammary ko marne mein Ham bahut hi jald is Jeet ko jeetenge deshvashiyon ko Aashirwad hai aapka jisse hajaron ki sankhya Mein log playan kar rahe hain jaldi se jaldi is smadan krenge thanks...🙏
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Dr Dimita Ketan Mehta
6 साल 2 महीने पहले
Dear Sir, it is very sad that people are not taking the lockdown seriously despite of their own benefit. I have come up with an idea....I dont know how much feasible it could be but those who are found wandering on the streets may be meted out with a severe puniShment: THE INTERNET SERVICES OF THEM AND THEIR FAMILIES SHOULD BE DISCILONTINUED. ..THIS MIGHT SCARE THEIR HEARTS OUT.
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Durgaprasad
6 साल 2 महीने पहले
मैं 30 वर्षीय एक शिक्षक धमधा छत्तीसगढ़ से हूँ मैं तो इस कोरोना महामारी को भी एक पॉजिटिव सोच के रूप में लेता हूँ.. मेरे 21 दिन के निम्न कार्य हैँ.
1.अच्छी पुस्तकें गीता रामायण विवेकानंद गांधीजी कलाम साहब की पुस्तकें पढ़ना जो पहले समयाभाव के कारण नहीं पढ़ पाता था
2.घर के बच्चों को कहानियाँ सुनाना
3.शिक्षकीय गुणों के विकास के लिए कार्य करना
4.बुजुर्गों के अनुभवों से सीखना सुनना
5.घर के छत पर बैठकर साफ सुधरती प्रकृति को देखकर आनंदित होना
6.रामायण का प्रसारण का तो क्या कहना..
stay home safe life
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Rohit
6 साल 2 महीने पहले
कोरोना की वजह से मिडल क्लास लोगों को बहुत्त ही नुक़सान हो रहा है ।
सरकार को मिडल क्लास वर्ग की और भी ध्यान देना चाहिए।
मेरी भारत सरकार से प्रार्थना है कि मध्यवर्गीय लोगों की तरफ भी ध्यान दें - छोटे दुकानदार, लघु उद्योग, ठेकेदार, ईट भट्टे, छोटे-मोटे कार्य करने वाले मध्यवर्गीय लोगों के बिजली के बिल टेलीफोन के बिल अन्य जो उनके पास कर्मचारी है महीने की तनख्वाह उनका तरफ से काफी खर्चे हो रहे हैं सरकार उनकी तरफ भी ध्यान दें ।
मेरी आशा की भारत सरकार इस पर भी ध्यान देकर हमारी बातों को सुनेगी।
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PRAVEEN JANGID
6 साल 2 महीने पहले
प्रणाम सर,
पूरे देश में लोक- डाउन है, ना घर से बाहर नहीं निकल सकते, ना ही कहीं जा सकते है, तो सर, मै आपसे एक ही बात पूछना चाहता हूं, की जब घर में पैसा नहीं है तो घर का सामान कैसे खरीदे????
घर में सामान की कमी होती जा रही है, घर में पैसा नहीं है, रोज़ कमाते है, रोज़ खर्च होता है। कैसे सर कैसे ?????????
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Ghanshyam Patidar
6 साल 2 महीने पहले
आज स्थिति बड़ी गंभीर हो गई है कोविड-19 के कहर को रोकने के लिए हमें अपने घरों में रहना होगा और साथ ही साथ धैर्य के साथ काम लेना है समस्या का समाधान जरूर होगा आप ऐसा मत सोचो कि आप आपके घर में कैद हो बल्कि घर से अपनों के साथ सुरक्षित हो कोरोनावायरस से सावधान रहें सतर्क रहें सुरक्षित रहें क्योंकि सावधानी ही बचाव है।
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Ghanshyam Patidar
6 साल 2 महीने पहले
आज फिर मौका है हमारे पास दुनिया को सिखाने का खुद को बचाने का हिंदुस्तान की एकता जताने का और विश्व को बताने का कि भारत अखंड था और रहेगा ना किसी दुश्मन से हारा है ना किसी बीमारी से हारेगा भारत सरकार ने कोरोनावायरस से लड़ने के लिए एक दवाई बनाई है जिसका नाम है
IGPR ओर इसका मतलब है
I- इंडियन
G- घर
P- पर
R- रहो
इंडियन घर पर रहो और सरकार के निर्देशों का पालन करो सतर्क रहो सुरक्षित रहो और घर पर रहो।
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Ghanshyam Patidar
6 साल 2 महीने पहले
कोरोना नाम की इस भयानक महावारी को फैलने से रोके और सरकार द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों को हल्के में ना लेते हुए उन निर्देशों का गंभीरता से पालन करें हम सब मिलकर इस महामारी को भारत देश में फैलने से रोक सकते है। सतर्क रहें सावधान रहें सुरक्षित रह कर हम इस बीमारी को मात दे सकते हैं और सोशल मीडिया पर फालतू अफवाह ना फैलाएं और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को जागरूक करें स्वस्थ रहेंगे हम तो स्वस्थ रहेगा हमारा देश।
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Durgaprasad
6 साल 2 महीने पहले
कोरोना महामारी को पॉजिटिव रूप से देखें तो इससे पर्यावरण को रिचार्ज होने का मौका मिल रहा है...
प्रकृति के अंधाधुंध दोहन से यह तो निश्चित हो गया था की एक ना एक दिन ऐसा होगा ही. हम अभी नहीं सीखे तो प्रकृति अपना और भी रौद्र रूप दिखाएगी. मनुष्यों के साथ साथ सभी जीवों को भी इस प्रकृति me जीने के सामान अवसर मिलने चाहिए थे लेकिन इंसानों ने अपने स्वार्थ के लिए सभी को अपना गुलाम बनाने का प्रयत्न किया.
अभी नहीं सीखे तो यह प्रकृति जो हमारी धरती माता है हमसे और रूठ जाएगी...
जय हिन्द..
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