Home | MyGov

Accessibility
ऐक्सेसिबिलिटी टूल
कलर एडजस्टमेंट
टेक्स्ट साइज़
नेविगेशन एडजस्टमेंट

29 सितंबर 2024 के मन की बात कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपने सुझाव भेजें

Inviting Ideas for Mann Ki Baat by Prime Minister Narendra Modi on 29th September 2024
आरंभ करने की तिथि :
Sep 06, 2024
अंतिम तिथि :
Sep 06, 2024
04:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उन विषयों और समस्याओं पर अपने ...

माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उन विषयों और समस्याओं पर अपने विचार शेयर करना चाहते हैं, जो आपके लिए महत्वपूर्ण हैं। प्रधानमंत्री जी आपको मन की बात के 114वें एपिसोड में संबोधित किए जाने वाले विषयों पर अपने विचार शेयर करने के लिए आमंत्रित करते हैं।

मन की बात के आने वाले एपिसोड में जिन विषयों या समस्याओं पर आप चाहते हैं कि प्रधानमंत्री जी बात करें, उनके बारे में हमें अपने सुझाव भेजें। इस खुले मंच में अपने विचार शेयर करें या आप वैकल्पिक रूप से टोल-फ्री नंबर 1800-11-7800 पर कॉल कर सकते हैं और प्रधानमंत्री जी के लिए अपने संदेश को हिंदी या अंग्रेजी किसी भी भाषा में रिकॉर्ड कर सकते हैं। रिकॉर्ड किए गए कुछ संदेश ब्रॉडकास्ट का हिस्सा बन सकते हैं।

आप 1922 पर एक मिस्ड कॉल भी दे सकते हैं और सीधे प्रधानमंत्री जी को अपने सुझाव देने के लिए SMS में मिले लिंक को फॉलो कर सकते हैं।

और 29 सितंबर 2024 को सुबह 11:00 पर मन की बात के साथ जुड़े रहें।

फिर से कायम कर देना
4527 सबमिशन दिखा रहा है
BasuMunda
BasuMunda 1 year 9 महीने पहले
Hello sir ! मेरे ओर से नमस्ते स्वीकार किजिए। मैं कोई भी विषय पर बोलना नहीं चाहता हूं। मैं इतना ही कहुंगा कि - यहां जो कुछ अच्छा, सही दिशा में जाना है तो यह सबकुछ हम-सब को ही करना पड़ेगा। इस संसार में सभी को गलतियां होती हैं। इसलिए हम सबको मिलकर जो भी गलतियां हैं या होगा उसे सुधार करना है। तो चलिए आज से ही हम सब मिलकर सरकार के साथ हाथ से हाथ मिला कर संविधान की नियमों को मान के अपने देश कि नागरिकता और देशी की उन्नति का एक हरे-भरे खुशहाली सन्दार पहचान बनायेंगे।। ।। प्रेम बोलो भारत माता कि जय।।
Katta Ratnakar Rao
Katta Ratnakar Rao 1 year 9 महीने पहले
Honorble PM sir, Please help/plan for private employees of private infrastructure and telecom employees, those worked more than 10 years and now jobless due to organizations given pink slips during yearly restructures as per their business plans or cost cutting, these peoples having families and also aged more than45years, and no other opportunities in market and huge competition from new commers, please make a policy to help them out, private organizations need to follow some rules while removing employees those who are crossed 45 years of age. Please look into its sir.
NaveenKar
NaveenKar 1 year 9 महीने पहले
जनेऊ संस्कार – चरित्र निर्माण से ही राष्ट्र निर्माण माननीय मोदी जी, यह बात सही है कि आज के युग में किसी भी राष्ट्र को उसकी आर्थिक एवं सैन्य शक्ति से तोला जाता है। पर आप से ज़्यादा कौन जान सकता है कि हमारे राष्ट्र का असली निर्माण केवल सड़कों, भवनों, अर्थव्यवस्था, आर्थिक ख़ुशहाली या सैन्य शक्ति से संभव नहीं है जब तक हमारे बच्चों एवं नागरिकों में सही आयु में चरित्र निर्माण का बीज ना बोया जाये। मैं देहरादून में रहने वाला एक कश्मीरी पंडित हूँ, हमने अपने 15 वर्षीय बेटे आदित्य का जनेऊ संस्कार अक्तूबर माह में रखा है, पर उसके मन में सोशल मीडिया के माध्यम से स्नातन के बारे में बहुत शंकाएँ पैदा हो गयी हैं मेरी आप से विनती है कि आप आदित्य के माध्यम से देशवासियों को जनेऊ संस्कार के बारे में बतायें। कैसे यह पवित्र धागा व्यक्ति को जीवन के सिद्धांतों का पालन करने की निरंतर याद दिलाता रहता है एवं जीवन पथ से भटकने से भी रोकता है। अगले महीने से शादियों का सीज़न है, और लोग अपने परिवार के बच्चों का जनेऊ संस्कार शादियों में ही करवा सकते हैं। भारत माता की जय।
Gannaram prabhakar
Gannaram prabhakar 1 year 9 महीने पहले
compulsory conducting the national integration and national building programme in each school like Akam Harghar Thiranga and Save soil etc in that teacher and students may be participating and put the some class on national integration give some time to share with the views of freedom fighter experience from local community persons
Abhishek Birla
Abhishek Birla 1 year 9 महीने पहले
सेवा में, श्री नरेंद्र मोदी जी, माननीय प्रधान मंत्री, भारत सरकार, नई दिल्ली। विषय: नौकरी या अन्य कारणों से अपने निर्वाचन क्षेत्र से दूर नागरिकों के लिए मतदान की सुविधा का अनुरोध माननीय प्रधानमंत्री जी, मैं, अभिषेक कुमार बिड़ला, वर्तमान में वरिष्ठ लेखापरीक्षक, रक्षा लेखा विभाग, जबलपुर, मध्य प्रदेश में कार्यरत हूं और मूल रूप से भीलवाड़ा, राजस्थान का निवासी हूं। मैं आपके सम्माननीय ध्यान में एक महत्वपूर्ण मुद्दा लाना चाहता हूं। हमारे देश में कई नागरिक, जिनमें सरकारी कर्मचारी, निजी क्षेत्र के कर्मचारी, छात्र, श्रमिक और विशेष रूप से हमारे सशस्त्र बलों के जवान शामिल हैं, अपने निर्वाचन क्षेत्र से दूर होने के कारण "लोकतंत्र के महापर्व" यानी चुनाव में सक्रिय रूप से भाग नहीं ले पाते हैं।
Abhishek Birla
Abhishek Birla 1 year 9 महीने पहले
सेवा में, श्री नरेंद्र मोदी जी, माननीय प्रधान मंत्री, भारत सरकार, नई दिल्ली। विषय: नौकरी या अन्य कारणों से अपने निर्वाचन क्षेत्र से दूर नागरिकों के लिए मतदान की सुविधा का अनुरोध माननीय प्रधानमंत्री जी, मैं, अभिषेक कुमार बिड़ला, वर्तमान में वरिष्ठ लेखापरीक्षक, रक्षा लेखा विभाग, जबलपुर, मध्य प्रदेश में कार्यरत हूं और मूल रूप से भीलवाड़ा, राजस्थान का निवासी हूं। मैं आपके सम्माननीय ध्यान में एक महत्वपूर्ण मुद्दा लाना चाहता हूं। हमारे देश में कई नागरिक, जिनमें सरकारी कर्मचारी, निजी क्षेत्र के कर्मचारी, छात्र, श्रमिक और विशेष रूप से हमारे सशस्त्र बलों के जवान शामिल हैं, अपने निर्वाचन क्षेत्र से दूर होने के कारण "लोकतंत्र के महापर्व" यानी चुनाव में सक्रिय रूप से भाग नहीं ले पाते हैं।
SRIPERUMBUDURI MANGAPATHI
SRIPERUMBUDURI MANGAPATHI 1 year 9 महीने पहले
When a crime is happened, the Police invariably preserve most of the items like vehicles, boxes etc to present them during the trial of the case. As the trial takes a long period, most of these items occupy lot of space in and around the police stations & most of them become obsolete & unusable. This is the situation all over India. Why not be Ministry take steps to to get the law amended to allow the law enforcement agencies to produce video clips or photos taken at the scene of the crime just as in the case of humans affected by the crime. The practice followed in few advanced countries may be enquired and rules amended accordingly. This may take some time but a solution can be found in due course. 
SHARIF SHAIKH
SHARIF SHAIKH 1 year 9 महीने पहले
प्रधानमंत्री जी, संसाधनों की कमी के कारण दो वर्ष से अधिक समय टेलीफोन मिलने मे लगता था मगर फिर भी गर्व महसूस होता था। आज संसाधनों की भरमार होते हुए भी BSNL दम तोड़ती है रेल्वे, हवाई अड्डे प्राइवेट हो रहे हैं। वजह है सरकारी और निमसरकारी कार्यालयों मे अधिकारियों और कर्मचारियों को काम से अधिक वेतन, पेंशन एवं सुविधाएं। ऐसी प्रस्थिति पहले नही थी, नियंत्रण और 50% कटौती जरूरी है। इसलिए राष्ट्रहित में राजनेता पहले अपना मानधन कम कर शुरुआत करें तो विरोध भी नही होगा, रहा सवाल BSNL का, हम चाहे तो आज भी देश की ही नही दुनिया की एक नंबर कंपनी बना सकते हैं, सुझाव बहुत है पहल कीजिए।