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आरंभ करने की तिथि :
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अंतिम तिथि :
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टिप्पणियाँ (1)
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WellCareMeds
5 साल 2 महीने पहले
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Sachatrayadav
5 साल 2 महीने पहले
Ggfhmlitfvnmk uufh
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Haripriya Mishra
5 साल 2 महीने पहले
To honourable Prime Minister,
Jai Guru Dev, I'm a student of Maharishi Vidya Mandir, in Assam. This is in response to the new guidelines for social media .I respect your decision , as I have noticed many youths are indulged in many cyber crimes . There are many fake accounts which are not been deleted even after reporting due to the inefficient system causing retardation of mental health of the victim. I hope the new policy will bring a change in this situation.
Jai Hind!
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shailendra kumar sharma
5 साल 2 महीने पहले
आदरणीय प्रधानमंत्री जी
मेरा नाम शैलेन्द्र कुमार शर्मा है मैं सहायक अध्यापक हूँ सर मैं यह कहना चाहता हूँ कि इस महामारी के दौर मे हर व्यक्ति अपने स्तर से समाज की मदद करना चाहता है लेकिन सबसे ज्यदा जो हमारी मदद कर रहे है वो है हमारे सफाई कर्मी जो हमारे आस पड़ोस,समाज को स्वछ रखते हैं! श्रीमान जी मैं यह चाहता हूँ की इन्हे सम्मान स्वरूप सफाई कर्मी ना कह कर इन्हे स्वछता मित्र कहा जाये जो वास्तव में हमारे पर्यावरण के साथी हैं हमारे स्वछता मित्र हैं!
धन्यवाद!
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Vijay Kumar Pandey
5 साल 2 महीने पहले
माननीय प्रधानमंत्री जी मै आपका ध्यान 2700महाविद्यालय के 250000शिक्षको की तरफ़ दिलाना चाहता हूं जिन्हें लॉकडाउन के कारण मार्च 19से से अब तक वेतन नहीं मिला है प्रबंधतंत्र शासनादेश की अवहेलना कर रहे हैं जिससे देस का भविष्य बनाने वाले शिक्षक भीख मांगने के कगार पर पहुंच गए हैं चाणक्य के अपमान से मगध साम्राज्य की नीव हिल गई थी शिक्षक की समस्या को हल न होने का कारण बड़े नेताओं के कॉलेज मैनेज मेंटहैं अतः आप से निवेदन है कि आप अपने स्तर से समस्या के समाधान करने की कृपा करेंगे
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IndiwarParijat
5 साल 2 महीने पहले
I feel transgenders could be made Traffic Wardens. People will do what is required rather than engage in unnecessary arguments with the traffic police. Transgenders could also be used as a medium to disseminate important official information to the public, and people won’t ignore or take the messengers lightly then. Similarly, they could also be trained and used for crowd management during big events/functions or even to quell riots.
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lalit kumar
5 साल 2 महीने पहले
समझ ही नहीं आता रिसर्च और एविडेंस बेस्ड पैथी का कैसा अजीबोगरीब रिसर्च-एविडेंस है!
पहले इनकी 'रिसर्च' कहती हैं कि फलां मेडिसिन कोरोना में उपयोगी है। काफी रोगियों पर काम में लेने और पर्याप्त बिक्री के बाद 'एविडेंस' कहते हैं कि यह तो घातक थी।
इन्होने कोविड़ के दौरान पिछ्ले महिनों मे इतना केमिकल लोगों के शरीर मे डाल दिया और बाद मे ये कहते हैं की इन दवाईयो का कोरोना ठीक करने में कोई रोल नहीं है इनके इन प्रयोगों से काफी लोग तो मर गये ,बाकी बचे हैं वो साइड इफेक्ट झेल रहे हैं जिसका कौन जिम्मेदार है?
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Ashok Badrinarayan Toshniwal
5 साल 2 महीने पहले
आदरणीय पंतप्रधान जी,
आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जाने वाला है। आजादी के 75 साल में हमारे देश में काफी विकास किया है। हमारे देश की रेलवे लाइन दुनिया में सबसे लंबी और सबसे ज्यादा वहन करने वाली संस्था है।
*नइ योजना*
*स्थानिक स्वराज्य संस्थाओं के लिए स्थानीय लोकल रेलवे योजना।*
mygov_162211612370994131.pdf
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anandsingh
5 साल 2 महीने पहले
मोदीजी/योगीजी के सपनों का भारत उनके बड़े कार्यकर्ता / ऊंच अधिकारीयों की इच्छाशक्ति पर निर्भर है और इनकी इच्छाशक्ति मरी होने के चलते भरपूर ऐनर्जी वाले कर्मठ और जुझारू नेताओ का भरपूर परिश्रम और उनके महान विचारों को यें मिट्टी में मिला रहे है,, गंभीर परिस्थितियों मे जँहा इनको जनता के बीच होना चाहिए उस दौरान 15 /दिनों तक तो यें अपने बंगलो से निकले तक नहीं,, शायद कारण अब खुल कर ऊपरी धन का ना मिलना,,,अब जिस अधिकारी कर्मचारियों की सैलरी फिक्सस्ड है तो वो अतरिक्त ऊर्जा क्यों नष्ट करें ,,
फिर अंतिम व्यक
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anandsingh
5 साल 2 महीने पहले
मोदी जी जैसे बाबा रामदेव जी को बदनाम किया जा रहा है,, कोई भी सच और झूठ को जोड़कर उनके ऊपर केवल कटाक्ष वाले बाण मारे जा रहे है,, यें पहले भी कई बार हो चूका है, किंतु जो कुछ भी बाबा जी ने बोला सत्य है, और अब मेरा एक तुच्छ सुझाव है की बाबा जी के बात को आधार मान कर क्यों न चिकित्सा के क्षेत्र मे प्राथमिक उपचार को जोड़ कर (जिसमे एलोपेथ जुडा हो) क्युकी आपातकाल स्थिति मे यही दवा कारगर सिद्ध होती है, और थोड़ा राहत होने पर बाकी का सम्पूर्ण उपचार आयुर्वेद पर किया जाए,, क्या इसके मिले जुले डॉक्टर नही हो सकते
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