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30 मार्च 2025 को मन की बात कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को अपने सुझाव भेजें

आरंभ करने की तिथि :
Mar 04, 2025
अंतिम तिथि :
Mar 28, 2025
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आपके लिए महत्वपूर्ण विषयों और ...

माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आपके लिए महत्वपूर्ण विषयों और मुद्दों पर अपने विचार साझा करने के लिए उत्सुक हैं। प्रधानमंत्री, आपको मन की बात के 120वें एपिसोड में संबोधित किए जाने वाले विषयों पर अपने सुझाव साझा करने के लिए आमंत्रित करते हैं।

आने वाले मन की बात एपिसोड में आप जिन विषयों या मुद्दों के बारे में प्रधानमंत्री से बात करना चाहते हैं, उनसे जुड़े अपने सुझाव हमें भेजें। इस ओपन फ़ोरम में अपने विचार शेयर करें या वैकल्पिक रूप से, आप टोल-फ़्री नंबर 1800-11-7800 भी डायल कर सकते हैं और प्रधानमंत्री के लिए अपना संदेश हिंदी या अंग्रेज़ी में रिकॉर्ड कर सकते हैं। रिकॉर्ड किए गए कुछ संदेश प्रसारण का हिस्सा बन सकते हैं।

आप 1922 पर एक मिस्ड कॉल भी दे सकते हैं और SMS में मिले लिंक को फ़ॉलो करके सीधे प्रधानमंत्री जी को अपने सुझाव दे सकते हैं।

और 30 मार्च 2025 को सुबह 11:00 पर मन की बात के साथ जुड़े रहें।

फिर से कायम कर देना
2851 सबमिशन दिखा रहा है
BajrangSingh
BajrangSingh 1 year 4 महीने पहले
माननीय प्रधानमंत्री जी प्रणाम,मैंने खाटूश्यामजी मेले में साफ - सफाई को लेकर एक छोटा सा प्रयोग किया जिससे वहां की साफ-सफाई में 60% तक की वृद्धि हुई। मैंने मेले में एक भंडारा संचालक को बर्तन देकर डिस्पोजल का उपयोग नहीं करने को कहा तो उन्होंने श्रद्धालुओं को बर्तनों में ही प्रसादी खिलाई जिससे उनके 20-22 हजार रुपए की बचत भी हुई क्योंकि इतने के डिस्पोजल आ जाते हैं और हर वर्ष से इस वर्ष सफाई भी 60% अधिक रही। इसके लिए मैंने 8-10 अन्य भंडारा संचालकों को भी जागरूक किया तो उन्होंने मुझे अगले फाल्गुन मैले में डिस्पोजल का उपयोग नहीं करने का आश्वासन दिया क्योंकि खाटूश्यामजी मैले मे लाखों की संख्या मे श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन करने आते है। उनके भोजन प्रसादी के लिए हजारों भंडारे लगाए जाते हैं और अधिकतर मे डिस्पोजल का ही उपयोग होता है जिनकी वजह से मैले के बाद स्थानीय लोगों को सफाई से संबंधित काफी परेशानी होती है। अगर सभी भंडारों मे डिस्पोजल की जगह बर्तनों का इस्तेमाल हो तो इस समस्या से काफी हद तक छुटकारा पाया जा सकता है।मान्यवर मैं पिछले चार वर्ष से आमजन को पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक कर रहा हू
KOUSHIK BALASUBRAMANIAN
KOUSHIK BALASUBRAMANIAN 1 year 4 महीने पहले
Dear Sir, I am writing to propose an innovative Centralized Financial Tracking App & Web Platform designed to enhance financial transparency and empower Indian citizens in managing their financial commitments efficiently. Proposal Overview: Named "सम्यक्" for now, this platform will provide a real-time, consolidated view of financial commitments, including loans, taxes, insurance, credit obligations, and government dues. Aligning with Digital India’s vision, it ensures seamless financial tracking and engagement, fostering better financial awareness and inclusion. Key Benefits ✅ Unified Financial Dashboard – Consolidates all financial liabilities in one place. ✅ Real-Time Tracking & Alerts – Keeps citizens informed about due dates and financial status. ✅ Enhanced Financial Literacy – Offers insights and recommendations for better financial planning. ✅ Seamless Integration – Potential connectivity with banks, taxation portals, and financial institutions. Look forward
Kunisetty prasad
Kunisetty prasad 1 year 4 महीने पहले
I propose ABC in Uttar Pradesh All border corridor we build corridor threw out the borders of Uttar Pradesh and connected to Lucknow in 6 highway roads each piece declared as separate SEZ software, agriculture, hospital, sports ,devotion education. I designed corridor with six lines outer two lines with free electrical bus and centre will be slider transport system. I designed myself.
mygov_174313991373059871
BajrangSingh
BajrangSingh 1 year 4 महीने पहले
माननीय प्रधानमंत्री जी प्रणाम,मैंने खाटूश्यामजी मेले में स्वच्छता को लेकर एक छोटा सा प्रयोग किया जिससे वहां की साफ-सफाई में 60% तक की वृद्धि हुई।मैंने मेले में एक भंडारा संचालक को बर्तन देकर डिस्पोजल का उपयोग नहीं करने को कहा तो उन्होंने श्रद्धालुओं को बर्तनों में ही प्रसादी खिलाई जिससे उनके 20-22 हजार रुपए की बचत भी हुई क्योंकि इतने के डिस्पोजल आ जाते हैं और हर वर्ष से इस वर्ष साफ सफाई भी 60% अधिक रही।इसके लिए मैंने 8-10 अन्य भंडारा संचालकों को भी जागरूक किया तो उन्होंने मुझे अगले मैले में डिस्पोजल का उपयोग नहीं करने का आश्वासन दिया क्योंकि खाटूश्यामजी मैले मे लाखों की संख्या मे श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन करने आते है।उनके भोजन प्रसादी के लिए हजारों भंडारे लगाए जाते हैं और अधिकतर मे डिस्पोजल का ही उपयोग होता है जिससे मैले के बाद स्थानीय लोगों को सफाई से संबंधित काफी परेशानी होती है।अगर सभी भंडारों मे डिस्पोजल की जगह बर्तनों का इस्तेमाल हो तो इस समस्या से काफी हद तक छुटकारा पाया जा सकता है।मैं पिछले चार वर्ष से मैले मे श्रद्धालुओं को संदेश लिखे हुए जूट के कैरी बैग देकर जागरूक कर रहा