Inviting ideas for PM Narendra Modi's Mann Ki Baat for December 2016

आरंभ करने की तिथि :
Dec 16, 2016
अंतिम तिथि :
Dec 24, 2016
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
The 27th episode of Mann ki Baat would be on 25th December, 2016. Prime Minister Narendra Modi looks forward to sharing his thoughts on a number of themes and issues. As always, ...
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टिप्पणियाँ (1)
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Ranvir mishra
9 साल 8 महीने पहले
सर प्रणाम।मेरा सुझाव है कि देश में इंटर तक की शिक्षा के लिए केवल सरकारी स्कूल,कॉलेज हों जिससे अमीर,गरीब सभी के बच्चे साथ पढ़ेंगे।सरकारी स्कूलों में बड़े लोंगो के बच्चे पढ़ने पर उन स्कूलों की शिक्षा के स्तर में जनता स्वयं सुधार करेगी और देश को योग्य बच्चे मिलेंगे।
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Ashish Shrivastava
9 साल 8 महीने पहले
नमस्कार देश के प्रत्येक हिस्से में भजियावाला जैसे साहूकार बैठे है जो लोगो के मजबूरी का फायदा उठाकर ऊँची ब्याज दर १० से २० % प्रतिमाह पर देते है जिसका शिकार छोटे किसान छोटे व्यपारी या कर्मचारी होते है जो किसी मजबूरी में ऋण लेते है और पीढ़ी दर पीढ़ी इस दलदल से बहार नहीं निकल पाते है . सरकार को नियम बनाकर साहूकारी पर रोक लगानी चाहिए अथवा इसके दर निश्चित करनी चाहिए . सरकार को बैंक से ऋण लेना आसान बनाना चाहिए जिससे आदमी इस दलदल में नहीं फसेगा .
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Praveen Rathi_1
9 साल 8 महीने पहले
सर नोट बंदी से हुई बचत से हर घर में पीने के पानी की उप्लब्धता सुनिश्चित की जाये ये बहुत आवश्यक हैं
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JANAKIRAM H R
9 साल 8 महीने पहले
The Income Tax Department has done wonderful job by publishing an "Email ID" for informing about black money hoarders. Similarly the Home Ministry must also have an open "Email ID" for receiving information on security issues, terrorists, anti national activities in the visinity. Presently there is no system available for the common citizen to inform.
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Rikesh Singh
9 साल 8 महीने पहले
Hi, This is regarding the tag line that is visible on every train ticket we purchase now a days. It is good to know and should be printed to create awareness. At the same time, we have Suvidha trains where we pay hefty charges for the same trip. More painful is that even if there are many vacant seats available, we end up paying more than double the charge.....Railway as a whole needs a revamp within!!! There are many areas within Railway where cost cutting steps are imperative at this stage...
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Alok Chantia
9 साल 8 महीने पहले
नोट बंदी का लाभ आम जनता को देने के लिए छोटे छोटे उद्योग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए ना कि जनता के बैंक में जमा किये गए ५०० और १००० के नोट को बड़े बड़े उद्योगों को लगाने के लिए बैंक से दिया जाये और बाद में देश विजय माल्या जैसे धोखाधड़ी करने वालो से आर्थिक क्षति का सामना करें \ काले धन का वास्तव में लाभ जनता को ही मिलना चाहिए
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chaudhari padhan
9 साल 8 महीने पहले
Dear PM why the gov. is not putting any restrictions on various strikes that may be called by rulling party or opposition.THIS FOR NATIONAL INTEREST ,NOT FOR ANY PARTY
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Alok Chantia
9 साल 8 महीने पहले
जब देश में आधार कार्ड में सभी आवश्यक जैविक और सामाजिक जानकारी उपलब्ध होती है तो ऐसे सभी भारतीय जिनका आधार कार्ड गैस सबसिडी के कारण पहले से ही बैंक अकाउंट के साथ जुड़ा है तो उन सम्मानित ग्राहकों से नोट बंदी के समय के वाई सी की मांग करना सिर्फ ग्राहकों का बेवजह का उत्पीडन है जबकि बैंक के पास आधार कार्ड उपलब्ध है | ऐसा करके बैंक सरकार की नोट बंदी और प्रयास को धूमिल करके एक गलत छवि प्रस्तुत कर रहे है और इस तरह का कार्य बैंक को नहीं करना चाहिए
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SACHIN JAGADISH MALVI
9 साल 8 महीने पहले
DEAR SIR, SCHOOLS AND COLLEGES SHOUL NOT ACCEPT ANY FEES AND DONATION INCASE IN CASH.
THIS IS LEADING TO TOO MUCH CORRUPTION.
JAI HIND ! JAI BHARAT !
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Alok Chantia
9 साल 8 महीने पहले
देश में जो भी संस्था निकाय का निर्माण विधि के अंतर्गत हुआ है वो सभी एक विधिक व्यक्ति के अनुरूप ही है ऐसे में सभी राजनैतिक पार्टिया को भी विधिक व्यक्ति की तरह ही माना जाना चाहिए और संविधान के अनुरूप जो सुविधाय और छुट एक सामान्य व्यक्ति को इस देश में प्राप्त है उतनी ही छूट इस देश में राजनैतिक पार्टियों को चंदा लेने , आयकर देने और अन्य स्थितियों में भी दी जानी चाहिए क्योकि संविधान के अनुच्छेद १४ के अनुरूप समानता मिलनी चाहिए सभी को
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