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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 30 जनवरी 2022 को मन की बात सुनने के लिए, जुड़े रहे!

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 30 जनवरी 2022 को मन की बात सुनने के लिए, जुड़े रहे!

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Jitendra Kumar
Jitendra Kumar 4 साल 7 महीने पहले
कोरोना के साथ ही अब देश को जीना पड़ेगा तो अपने आप को एवं बच्चों को सुरक्षित रखते हुए हमें अब कोई भी कार्य नहीं रोकना है न हीं रुकना है अब हमें अपने बच्चों को भी पूरी तैयारी के साथ विद्यालयों में भेजना है नहीं तो बच्चों में ग्यान की जगह अज्ञानता ज्यादा भर जाएगी इसलिए हम सबको मिलकर आवाज उठानी है कि कोई भी कार्य अब बन्द नहीं करना है न बन्द कराना है नियमों में कोई भी छूट न मिले इसके कड़े प्रावधान किए जाय विद्यालय न जाने से बच्चों के मानसिक विकास पर बुरा असर पड़ेगा बच्चे अपना भौतिक सत्यापन नहीं कर पाएंगे।
Rambharosh
Rambharosh 4 साल 7 महीने पहले
माननीय प्रधानमंत्री जी, मैं राजस्थान का रहने वाला हुं। मैं 12th का विद्यार्थी हुं। स्कूलों के खुले केवल साढ़े 4 महिने हुए और EXAM शुरू कराये जा रहे हैं। उन 4 महिनों में तो काफी अध्यापक व विद्यार्थि भी कोरोना पॉजिटिव हो गये। हमारा सिलेबस भी अभी पूरा नहीं हुआ। हम रिविजन कब करेंगे, परिबोर्ड कैसे तैयार होगा। हम बड़ी दुविधा में हैं। प्रधानमंत्री जी आपसे निवेदन है कि आप बोर्डों से वार्ता करें। बोर्ड रद्द करने या Exam आगे बढ़ाने प्रयास करें। जय हिन्द
Jitendra Kumar
Jitendra Kumar 4 साल 7 महीने पहले
प्रधानमंत्री जी सादर प्रणाम कोरोना महामारी के चलते जो स्कूल बन्द किए गए है उसका फायदा बच्चों को नहीं बल्कि स्कूलों को हो रहा है ऑनलाइन फीस के नाम पर स्कूलो में जमकर लूटखोरी हो रही है ऑनलाइन से बच्चे ज्यादा समय तक न पढ़कर सिर्फ यूट्यूब पर चिपके रहते है और अपने माता पिता को बेवकूफ बनाते है स्कूल जाने से बच्चों में नियमों के साथ चलने का डर रहता है जो घर पर सम्भव नहीं है कड़े नियमों के साथ अब 1 से 12 तक के सभी सरकारी एवं केन्द्रीय विद्यालयों को खोल देना चाहिए जिससे बच्चों का भविष्य उज्ज्वल हो सके।
SACHINBHANDARE
SACHINBHANDARE 4 साल 7 महीने पहले
नमस्कार ! मा. प्रधानमंत्री मोदी साहेब. तुमच्याकडून राष्ट्र बलाढ्य करण्यासाठी ज्या पध्दतीने तुम्ही काम करत आहात त्यासाठी आपणांस मानाचा मुजरा. परंतु मोदीसाहेब राष्ट्रपोत निर्माणासाठी गेली ६० वर्षे झटणार्‍या माझगांव डाॅक मधील कामगार- कर्मचार्‍यांची आज दयनीय अवस्था आहे. गेली १०-१२ वर्षे नोकरी करुनही कामगारांना कायमस्वरुपी सेवेत रुजू केले जात नाही. करार संपला की १-१ वर्ष उपासमारीची वेळ आमच्या तरुणपीढीवर येते. आज कर्मचार्‍यांची वये उलटून गेली आहेत बाहेर कुठे नोकरी मिळत नाही. परिवाराची उपासमार होत आहे. कित्येकांनी आत्महत्या केल्या आणि काही कामगार हा आत्महत्येस प्रवृत्त होत आहे.. मा. मोदीसाहेब आमची अपेक्षा फार मोठी नाही. पण कामगार टिकला तर राष्ट्र टिकेल. हि भावना आपण जाणून आहात त्यामुळे राष्ट्रपोत निर्माणासाठी दिवसरात्रं रक्ताचे पाणी करुन काम करणार्‍या कामगार वर्गाला न्याय मिळवून द्यावा. हि आपणांस नम्र विनंती ! जय हिंद ! जयतु जयतु हिंंदु राष्ट्रं !
SACHINBHANDARE
SACHINBHANDARE 4 साल 7 महीने पहले
नमस्कार ! मा. प्रधानमंत्री मोदी साहेब. तुमच्याकडून राष्ट्र बलाढ्य करण्यासाठी ज्या पध्दतीने तुम्ही काम करत आहात त्यासाठी आपणांस मानाचा मुजरा. परंतु मोदीसाहेब राष्ट्रपोत निर्माणासाठी गेली ६० वर्षे झटणार्‍या माझगांव डाॅक मधील कामगार- कर्मचार्‍यांची आज दयनीय अवस्था आहे. गेली १०-१२ वर्षे नोकरी करुनही कामगारांना कायमस्वरुपी सेवेत रुजू केले जात नाही. करार संपला की १-१ वर्ष उपासमारीची वेळ आमच्या तरुणपीढीवर येते. आज कर्मचार्‍यांची वये उलटून गेली आहेत बाहेर कुठे नोकरी मिळत नाही. परिवाराची उपासमार होत आहे. कित्येकांनी आत्महत्या केल्या आणि काही कामगार हा आत्महत्येस प्रवृत्त होत आहे.. मा. मोदीसाहेब आमची अपेक्षा फार मोठी नाही. पण कामगार टिकला तर राष्ट्र टिकेल. हि भावना आपण जाणून आहात त्यामुळे राष्ट्रपोत निर्माणासाठी दिवसरात्रं रक्ताचे पाणी करुन काम करणार्‍या कामगार वर्गाला न्याय मिळवून द्यावा. हि आपणांस नम्र विनंती ! जय हिंद ! जयतु जयतु हिंंदु राष्ट्रं !
Rajesh Kumar
Rajesh Kumar 4 साल 7 महीने पहले
प्रधानमंत्री जी, नमस्कार। प्रधानमंत्री जी, वैश्विक महामारी कोरोना को हराने के लिए देश बहुत प्रयास कर रहा है। सरकारें, प्रशासन और आमजन मिल कर इसके लिए अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रहे। अब तो देश में किशोरों को भी वैक्सीन लगाने की शुरुआत हो सकी है। लेकिन प्रधानमंत्री जी अब भी बहुत से राज्यों में स्कूलों को बंद रखा हुआ है, आप से अनुरोध है कि देश के सभी स्कूलों को कोरोना से बचाव करने के तरीकों को अपनाते हुए खोलने की कोशिश करवाएं, ताकि भावी पीढ़ी का भविष्य खराब न हो। राजेश कुमार चौहान जालंधर।