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आरंभ करने की तिथि :
Nov 06, 2024
अंतिम तिथि :
Dec 06, 2024
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
In an ever-changing world, innovation plays a key role in shaping the future of healthcare. As India moves towards self-reliance through Atmanirbhar Bharat, there is a growing ...
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Jayendra Kumar Mishra
1 year 6 महीने पहले
Unani chiktsa pranali thik hai
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Vishalsolanki
1 year 6 महीने पहले
Ration card ekyc kese Kare
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Shrutikumari
1 year 6 महीने पहले
unani chiksta pranali ek prachin pranali hai iska viprit prabh nahi hai iske sevam se partiraksha pranal majbot hoti hai.aaj kal alopaiti ka rate jyda hai aur unani padhti se ilaj sasta aur jyda fyde wala hota hai.
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BHAGWAT
1 year 6 महीने पहले
good
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KAPIL SAHU
1 year 6 महीने पहले
460 -377 ईसा पूर्व में यूनानी चिकित्सा विधि का पता चलता है। बुकरात (अंग्रेजी में हिप्पोक्रेट) नामक दार्शनिक को यूनानी चिकित्सा विधि का जन्मदाता माना जाता है। इनके बाद 129 से 200 ई. में हकीम जालीनूस का दौर आया। इन्हें अंग्रेजी में गेलन कहते हैं । हकीम जालीनूस ने प्राचीन यूनानी चिकित्सा को एक नई पहचान दी हैं।
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KAPIL SAHU
1 year 6 महीने पहले
यूनानी चिकित्सा पद्धति को, यूनानी नाम से जाना जाता है। इसे यूनानी - तिब या केवल, यूनानी भी कहा जाता है। यूनानी - तिब में, यूनानी शब्द लोनियन, का अरबी रूपांतरण है, जिसका अर्थ- ग्रीक या यूनान है। भारत में सौ से अधिक यूनानी चिकित्सा विश्वविद्यालयों हैं। यह प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद के समकक्ष है। इसे भारत में वैकल्पिक चिकित्सा के रूप में देखा जाता है।
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AlokKumarSinghChhotu
1 year 6 महीने पहले
नमस्कार सर
10 रुपये वाले हैंड वास मे दो प्लास्टिक बैग बेचे जा रहे है जब कि एक से काम चल सकता है आपसे अनुरोध है कि पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से 10रूपये वाले हैंड वाश मे बेकार प्लास्टिक बैग को बैन करने का प्रयास करें
आपका विश्वासी
आलोक कुमार सिंह
भारतीय नागरिक
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DashrathSingh
1 year 6 महीने पहले
यूनानी चिकित्सा की परंपरा को जारी रखने के लिए प्रकृति का दोहन रुकना चाहिए प्रकृति का संरक्षण अति आवश्यक है
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subodh bansal
1 year 6 महीने पहले
सरकार की सोच गलत है। सरकारों को फ़ैसला लेना नहीं आता है।
सरकार को चिकित्सा पद्धति से प्रेम नहीं होना चाहिए। सरकार को जनता से प्रेम होना चाहिए। जो जनता को ज्यादा सहूलियत सुविधा सस्ता बेहतर कार्य करें वह दवाई, चिकित्सा का प्रयोग करना चाहिए। हर दवाई हर चिकित्सक प्रत्येक बीमारी में अच्छी नहीं होती। कोई चिकित्सा पद्धति किसी बीमारी में अच्छी है और कोई चिकित्सा पद्धति दूसरी बीमारी में अच्छी है।
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subodh bansal
1 year 6 महीने पहले
Post no. 11
हमारी आज के जमाने की मॉडर्न समस्याएं के बचाव (prevention) के लिये यूनानी दवा का प्रयोग किया जा सकता है - नशा, नींद न आना, नींद आना, दिमाग में तनाव, तेजी, सुस्ती, उतावलापन, गुस्सा, अवसाद, चिड़चिड़ापन, मन न लगना, बहुत कम या ज्यादा भूख लगना,घबराहट, बैचेनी, तुतलापन, मारपीट करना, आत्महत्या, हत्या करना, आलोचना करना, दबाब डालना, जोर जबरदस्ती, जालसाजी, जल्दीबाजी, जिद्द, झूठ, चोरी की आदत, porn addiction, sexual obession, बड़बड़ाना, sexual transmitted disease, sexual sickness, cold, cough, tonsil, digestive disorder, constipation, pregnancy and infant care, malnutrition, anaemia, short height, obesity, piles, prostate, बदन दर्द, हड्डियों जोड़ों का दर्द, allergy, eyesight, skin and hair disease, कम सुनना, दांत की बीमारी, मानसिक दुर्बलता, मानसिक रोग, ज्यादा ठंड या गर्मी लगना, ज्यादा पसीने आना, कैंसर, old age disease etc.etc.
य़ह एक नयी चिकित्सा बनाई जायेगी।
कमेटी बनेगी। मुझे भी कमेटी में शामिल करे।
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