Inviting Ideas for Shri Parshurameshwar Pura Mahadev Temple Mahashivratri as Zero Waste Mahotsav – Baghpat

आरंभ करने की तिथि :
May 05, 2026
अंतिम तिथि :
Jun 30, 2026
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
The District Administration Baghpat invites citizens, youth, innovators and institutions from across India on MyGov to share innovative and practical ideas to transform the Shri ...
सभी टिप्पणियां देखें
विशेष रुप से प्रदर्शित
New Comments
1131 सबमिशन दिखा रहा है
Dhananjay Pratap Singh
2 महीने 2 सप्ताह पहले
बच्चों के लिए “ईको शिविर” आयोजित किए जाएँ, जहाँ खेल और गतिविधियों के माध्यम से स्वच्छता व पर्यावरण संरक्षण सिखाया जाए।
पसंद
(1)
नापसन्द
(0)
जवाब दो
स्पैम की रिपोर्ट करें
Dhananjay Pratap Singh
2 महीने 2 सप्ताह पहले
मेले के भोजन स्टॉलों पर बचा हुआ सुरक्षित भोजन “फूड सेवा केंद्र” के माध्यम से जरूरतमंदों तक पहुँचाया जाए, जिससे खाद्य अपशिष्ट कम हो।
पसंद
(1)
नापसन्द
(0)
जवाब दो
स्पैम की रिपोर्ट करें
Dhananjay Pratap Singh
2 महीने 2 सप्ताह पहले
मंदिर परिसर में “क्लॉथ बैग बैंक” बनाया जाए, जहाँ श्रद्धालु जरूरत अनुसार कपड़े का थैला लेकर वापस जमा कर सकें।
पसंद
(1)
नापसन्द
(0)
जवाब दो
स्पैम की रिपोर्ट करें
Dhananjay Pratap Singh
2 महीने 2 सप्ताह पहले
“ग्रीन पार्किंग व्यवस्था” लागू की जाए, जहाँ ई-रिक्शा और साझा वाहनों को बढ़ावा देकर प्रदूषण कम किया जाए।
पसंद
(1)
नापसन्द
(0)
जवाब दो
स्पैम की रिपोर्ट करें
Dhananjay Pratap Singh
2 महीने 2 सप्ताह पहले
मेले में “रीफिल जल केंद्र” बनाए जाएँ, जहाँ श्रद्धालु अपनी बोतल में मुफ्त पानी भर सकें। इससे प्लास्टिक बोतलों का उपयोग कम होगा।
पसंद
(1)
नापसन्द
(0)
जवाब दो
स्पैम की रिपोर्ट करें
Dhananjay Pratap Singh
2 महीने 2 सप्ताह पहले
“भक्ति भी, प्रकृति भी” थीम के तहत महाशिवरात्रि मेले में “कचरे से सेवा” अभियान चलाया जा सकता है। श्रद्धालु यदि प्लास्टिक बोतलें या अन्य कचरा संग्रह केंद्र पर जमा करें, तो उन्हें प्रसाद, पौधा या पीने का जल दिया जाए। इससे लोग स्वच्छता अभियान से जुड़ेंगे और कचरा कम होगा।
मेले में “ईको सेवा केंद्र” बनाए जाएँ, जहाँ कपड़े के थैले, मिट्टी के कुल्हड़ और पुनः उपयोग योग्य बर्तन उपलब्ध हों। दुकानदारों को सिंगल यूज़ प्लास्टिक बंद करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
मंदिर परिसर में सोलर लाइटें लगाई जाएँ तथा पूजा सामग्री से जैविक खाद बनाई जाए। महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों और युवाओं को “हरित साथी” बनाकर स्वच्छता अभियान से जोड़ा जाए।
यह पहल महाशिवरात्रि मेले को स्वच्छ, हरित और पर्यावरण अनुकूल आयोजन बना सकती है।
पसंद
(1)
नापसन्द
(0)
जवाब दो
स्पैम की रिपोर्ट करें
Dhananjay Pratap Singh
2 महीने 2 सप्ताह पहले
“भक्ति भी, प्रकृति भी” थीम के तहत महाशिवरात्रि मेले में “डिजिटल स्वच्छ मेला प्रणाली” लागू की जा सकती है। मेले में QR कोड आधारित सूचना बोर्ड लगाए जाएँ, जिनसे श्रद्धालु शौचालय, पेयजल, पार्किंग और कचरा संग्रहण केंद्र की जानकारी प्राप्त कर सकें। इससे भीड़ प्रबंधन और स्वच्छता बेहतर होगी।
पूरे मेले को “नो प्लास्टिक कॉरिडोर” बनाया जाए, जहाँ कपड़े के बैग, मिट्टी के कुल्हड़ और पत्तों के दोने-पत्तल का उपयोग हो। पर्यावरण अनुकूल सामग्री उपयोग करने वाले दुकानदारों को “ग्रीन स्टॉल प्रमाणपत्र” दिया जाए।
गीले कचरे से कम्पोस्ट या बायोगैस बनाने हेतु माइक्रो प्रोसेसिंग यूनिट लगाई जाए। स्कूल, कॉलेज, NCC और NSS के युवाओं को “स्वच्छता मित्र” बनाकर जागरूकता अभियान चलाया जाए। LED स्क्रीन, भजन और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से स्वच्छता व पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाए।
यह पहल धार्मिक आयोजनों को तकनीक और पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर एक आदर्श मॉडल बना सकती है।
पसंद
(1)
नापसन्द
(0)
जवाब दो
स्पैम की रिपोर्ट करें
Dhananjay Pratap Singh
2 महीने 2 सप्ताह पहले
“भक्ति भी, प्रकृति भी” थीम के तहत महाशिवरात्रि मेले में “एक श्रद्धालु–एक पौधा” अभियान चलाया जा सकता है। प्रत्येक श्रद्धालु को प्रसाद के साथ पौधा या बीज किट दी जाए, जिससे पर्यावरण संरक्षण का संदेश फैले।
मेले को “Zero Waste Zone” बनाकर प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। दुकानदारों को बांस, पत्तों और मिट्टी से बने उत्पाद उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। खाने-पीने के स्टॉल पर स्टील बर्तनों के लिए “डिपॉजिट-रिफंड सिस्टम” लागू हो, ताकि कचरा कम हो।
पूजा सामग्री जैसे फूल और पत्तों से कम्पोस्ट बनाई जाए। युवाओं और स्वयंसेवकों की “हरित प्रहरी टीम” स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाए। साथ ही QR कोड आधारित सूचना बोर्ड श्रद्धालुओं को स्वच्छ मार्ग, जल केंद्र और कचरा संग्रहण बिंदुओं की जानकारी दें।
यह पहल आस्था, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का प्रेरणादायक मॉडल बन सकती है।
पसंद
(1)
नापसन्द
(0)
जवाब दो
स्पैम की रिपोर्ट करें
Rakesh gupta
2 महीने 2 सप्ताह पहले
हम उन लोगों पर भी गर्व करते हैं
जो चोरी करके, रिश्वत लेकर, घोटाले से कमाकर, गुंडागर्दी, छीनकर, नक्सलियों, आतंकवादी की तरह अपने घर परिवार को चलाते हैं
ऐसे लोगों का दानवों और राक्षसों के आदर्श के रूप में व्याख्यान करते हैं और उनके statue बनाकर उन पर जुतों की माला चढ़ाते हैं।
पसंद
(2)
नापसन्द
(0)
जवाब दो
स्पैम की रिपोर्ट करें
Rakesh gupta
2 महीने 2 सप्ताह पहले
after 12th result and admitted in degree 1st year students can apply for scholarship
✓ National scholarship portal
✓ Reliance foundation
✓ central sector scheme of scholarship
✓ state government merit scholarship
✓ CBSE board merit scholarship
पसंद
(2)
नापसन्द
(0)
जवाब दो
स्पैम की रिपोर्ट करें
- अधिक देखें