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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 25 दिसंबर 2022 को मन की बात सुनने के लिए, जुड़े रहे!

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 25 दिसंबर 2022 को मन की बात सुनने के लिए, जुड़े रहे!

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SHARIF SHAIKH
SHARIF SHAIKH 3 साल 7 महीने पहले
देश में हर सरकारी, निमसरकारी कार्यालयों में सिर्फ स्वदेशी वाहनों का उपयोग हो, सरकारी कंपनी मारुती, टाटा और महिंद्रा ईन पर विश्वास करना होगा, यक़ीनन देश का विकास होगा। भारतीय उद्योजक, अभियंता, श्रमिक अपना हुनर दिखा देंगे। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मंत्री, नगराध्यक्ष, महापौर,सरकार नियुक्त पदाधिकारी इनके लिए अलग डिझाईन मॉडेल जो आम लोगो को नही मिले, 8/10 वर्ष की बाइबैक नीति से ऑर्डर किये जाए ताकि वाहन स्क्रॅप मे लेकर भी कोई दुरुपयोग ना करे, ऐसा कानून बनाए तो जिम्मेदारी और सम्मान बना रहेगा। सिर्फ मेक ईन इंडिया की बात नही काम कर, अमल करना होगा।
Ziyaunnisa
Ziyaunnisa 3 साल 7 महीने पहले
I believe there is a misconception behind the question. Government, as it is understood today, is the practical expression of the political power vested in the State. Power, because of its nature, only reacts to power. If there is an idea, that requires government participation, it needs to be pushed through political clout for it to be taken into consideration. You cannot sell an idea to an entity with which you do not have a bargaining relationship.
Anshuman jha classth C admno
Anshuman jha classth C admno 3 साल 7 महीने पहले
why we Consider yourself blessed if you have the best buddy you can always rely on. You must express to them how much you value and appreciate your unbreakable link. On the anniversary of their birth is the best time to do it, though. So it only makes sense to wish them a happy birthday
SHARIF SHAIKH
SHARIF SHAIKH 3 साल 7 महीने पहले
रोज़गार उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है, फिक्स सैलरी इंकम पर सरकार नियुक्तियां या जॉब निकाले,अच्छे कार्य करने पर 20%की वृद्धि पर 5 वर्ष पुनर्नियुक्ती करे, वेतन नियंत्रित हो सरकारी कर्मचारियों,अधिकारियों को कार्य से ज़्यादा वेतन है,उदाहरण है कई वर्षों से नियुक्तियां ना होते भी कार्य हो रहें है फिर भी वेतन/पेंशन का बजेट अधिकतम होगया है, साथ ही विधायक,सांसद,मंत्री इनके मानधन मे भी कटौती ज़रूरी है, शुरुआत इन्हीं लोगों से हो तो विरोध भी नहीं होगा। साथ ही सिर्फ स्वदेशी यानी टाटा, महिंद्रा और सरकारी कंपनी मारुति निर्मित वाहनों का ही प्रशासन और सरकार मे भी उपयोग हो।